जांजगीर-चांपा: खाद की किल्लत की खबरों को कृषि विभाग ने बताया भ्रामक, जिले में उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता

सहकारी और निजी केंद्रों पर बिक्री पर कोई प्रतिबंध नहीं; अब खाद खरीदते समय आधार और फसल का रकबा बताना होगा अनिवार्य
जांजगीर-चांपा। खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत से पहले उर्वरकों (खाद) की उपलब्धता को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों पर जिला प्रशासन और कृषि विभाग ने स्थिति स्पष्ट की है। उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने कहा है कि जिले में सहकारी और निजी क्षेत्रों में उर्वरक के वितरण और विक्रय पर किसी भी प्रकार का कोई प्रतिबंध नहीं है। किसान भाई अफवाहों से दूर रहें और अपनी आवश्यकतानुसार खाद प्राप्त करें।
पारदर्शिता के लिए पॉश मशीन से होगी बिक्री
कृषि विभाग के अनुसार, उर्वरकों का वितरण सुगमता और पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित करने के लिए ‘पॉश मशीन’ (POS Machine) का उपयोग किया जाएगा। किसानों को उनकी भूमि धारिता और फसल की वैज्ञानिक अनुशंसा के आधार पर संतुलित मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
विक्रेताओं के लिए सख्त निर्देश
विभाग ने सभी सहकारी समितियों और निजी उर्वरक विक्रेताओं के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब खाद की बिक्री के दौरान रजिस्टर में निम्नलिखित जानकारियां संधारित करना अनिवार्य होगा:
कृषक का नाम और आधार नंबर (Aadhaar)।
फसल का नाम और रकबा।
उर्वरक की कुल मात्रा।
उप संचालक कृषि ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी विक्रेता इन निर्देशों का पालन नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
किसानों से अपील
विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से नजदीकी सहकारी समितियों या निजी केंद्रों से खाद प्राप्त कर सकते हैं। जिले में खाद का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए अनावश्यक भंडारण करने या भ्रामक खबरों से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है।




