
परिवार परामर्श केंद्र की पहल से 3 माह में 61 बिखरे परिवार फिर से एक हुए, अब तक 193 पारिवारिक विवादों का हुआ निराकरण।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
महिलाओं की सुरक्षा और उन्हें त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से अप्रैल 2026 में शुरू किए गए महिला थाना जांजगीर का सकारात्मक असर अब दिखाई देने लगा है। महिला थाना की सक्रिय कार्यशैली और संवेदनशील पुलिसिंग के चलते पीड़ित महिलाएं सीधे महिला थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज करा रही हैं, जिससे मामलों में तेजी से कार्रवाई हो रही है।
14 मामलों में 19 आरोपी गिरफ्तार
महिला थाना की स्थापना के बाद अब तक महिलाओं से संबंधित 14 अपराध दर्ज किए गए हैं। इन सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई है। महिला थाना शुरू होने के बाद अन्य थाना एवं चौकियों में महिला संबंधी शिकायतों का दबाव भी कम हुआ है।
महिला अपराधों के पंजीयन में आया बदलाव
पुलिस के अनुसार, 1 अप्रैल से 30 जून 2025 के बीच जिले के विभिन्न थाना-चौकियों में महिलाओं से जुड़े 39 प्रकरण दर्ज हुए थे, जबकि 1 अप्रैल से 30 जून 2026 के दौरान यह संख्या 31 रही। महिला थाना शुरू होने के बाद अधिकांश पीड़ित महिलाएं सीधे महिला थाना पहुंच रही हैं, जिससे शिकायतों का त्वरित निराकरण संभव हो रहा है।
परिवार परामर्श केंद्र ने 61 परिवारों को फिर मिलाया
महिला थाना के साथ संचालित महिला परिवार परामर्श केंद्र भी पारिवारिक विवादों के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। जनवरी 2026 से अब तक केंद्र में 268 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 193 मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया गया। इनमें 61 मामलों में पति-पत्नी के बीच समझौता कराकर बिखरते परिवारों को फिर से एक किया गया।
महिलाओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और त्वरित न्याय सुनिश्चित करना जांजगीर-चांपा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई की जा रही है तथा जरूरतमंद महिलाओं को कानूनी सहायता और आवश्यक परामर्श भी उपलब्ध कराया जा रहा है।




