जाँजगीर -चाँपा

महिला दिवस पर जांजगीर पुलिस की खास पहल: CSP योगिताबाली और DSP सतरूपा तारम ने महिलाओं को सिखाए आत्मरक्षा के गुर, अधिकारों के प्रति किया जागरूक

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जांजगीर-चांपा: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर एक नई मिसाल पेश की है। जिले की दो तेजतर्रार महिला पुलिस अधिकारियों ने कमान संभालते हुए ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर महिलाओं के साथ संवाद किया और उन्हें उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग किया।
महिला दिवस के इस विशेष अभियान के तहत CSP जांजगीर योगिताबाली खापर्डे ग्राम धाराशिव पहुंचीं, वहीं DSP अजाक सतरूपा तारम ने ग्राम सिवनी में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में शिरकत की। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं के मन से पुलिस का डर हटाकर उन्हें अपनी सुरक्षा के लिए मुखर बनाना था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CSP योगिताबाली खापर्डे और DSP सतरूपा तारम ने महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सशक्तिकरण के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि: किसी भी प्रकार के घरेलू हिंसा, उत्पीड़न या छेड़छाड़ की स्थिति में महिलाएं चुप न रहें। आपातकालीन स्थिति में तत्काल 112 (ERSS) और 1091 (महिला हेल्पलाइन) का उपयोग करें। साइबर अपराधों और सोशल मीडिया पर होने वाली धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहें।

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आत्मरक्षा और आत्मविश्वास पर जोर
पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित महिलाओं और बालिकाओं को आत्मरक्षा  के बुनियादी गुर भी सिखाए। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत होना अनिवार्य है। अधिकारियों ने महिलाओं को समाज में अपनी सुरक्षा व सम्मान के लिए खुद आगे आने के लिए प्रेरित किया।

प्रतिभाशाली महिलाओं का सम्मान:  जागरूकता कार्यक्रमों के बाद, चांपा विश्राम गृह में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यहाँ CSP योगिताबाली और DSP सतरूपा तारम ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाने वाली महिलाओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान अधिकारियों ने महिलाओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनका हौसला बढ़ाया।

समाज में आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश
जांजगीर पुलिस की इस पहल की क्षेत्र में काफी प्रशंसा हो रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल महिलाओं को कानून की जानकारी देना था, बल्कि उनमें यह आत्मविश्वास भी पैदा करना था कि पुलिस सदैव उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है।

“नारी शक्ति के सम्मान और सुरक्षा के लिए पुलिस की यह पहल समाज में बदलाव की एक नई किरण है।”

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