
राज्यपाल आर.एन. रवि ने अनुच्छेद 174 का प्रयोग कर भंग किया मंत्रिमंडल
ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पीएम मोदी और अमित शाह की मौजूदगी में नई सरकार की होगी ताजपोशी
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक बड़ा ऐतिहासिक और संवैधानिक मोड़ आया है। राज्य में चुनावी शिकस्त के बाद भी इस्तीफा देने से इनकार करने वाली मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार को राज्यपाल आर.एन. रवि ने आखिरकार बर्खास्त कर दिया है। राज्यपाल ने पूरे मंत्रिमंडल को भंग करते हुए नई सरकार के गठन का रास्ता साफ कर दिया है। इसके साथ ही बंगाल में पिछले 15 वर्षों से चला आ रहा ममता बनर्जी का शासन समाप्त हो गया है।
राज्यपाल ने किया विशेष शक्तियों का प्रयोग
लोकभवन की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राज्यपाल ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज (b) के तहत मिली अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया कि चुनाव परिणामों के बाद मौजूदा मंत्रिमंडल ने अपना नैतिक आधार खो दिया था। बावजूद इसके, ममता सरकार द्वारा इस्तीफा न देने की स्थिति में राज्यपाल को यह कठोर संवैधानिक कदम उठाना पड़ा।
ममता का ‘साजिश’ वाला आरोप और इस्तीफे से इनकार
गौरतलब है कि 4 मई को आए चुनाव परिणामों में भाजपा की प्रचंड जीत (207 सीटें) के बाद ममता बनर्जी ने पूरी प्रक्रिया को खारिज कर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि वे हारी नहीं हैं बल्कि उनके खिलाफ साजिश हुई है। ममता बनर्जी ने यह तक कह दिया था कि वे जरूरत पड़ने पर इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (ICJ) तक लेकर जाएंगी। इसी अड़ियल रुख के बाद राज्यपाल ने मंत्रिमंडल बर्खास्तगी का फैसला लिया।
9 मई को बीजेपी सरकार का मेगा शपथ ग्रहण
बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। नई सरकार का भव्य शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित देश के कई दिग्गज नेताओं और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के शामिल होने की पूरी संभावना है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शपथ ग्रहण समारोह की संवेदनशीलता को देखते हुए कोलकाता पुलिस हाई अलर्ट पर है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। परेड ग्राउंड और उसके आसपास के क्षेत्रों में बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा (Multi-level security) तैयार किया गया है। ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है ताकि सत्ता हस्तांतरण का यह ऐतिहासिक समारोह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।




