किसान स्कूल बहेराडीह में मनेगा अनूठा ‘प्रकृति राखी त्योहार’: महिलाएं पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर लेंगी संरक्षण का संकल्प

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर प्रकृति प्रेम की मिसाल, देश भर की दीदियों से पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान बनाने का आह्वान।
जांजगीर-चांपा । जिले के बहेराडीह स्थित वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल में 27 अगस्त गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे ‘प्रकृति राखी त्योहार’ का विशेष आयोजन किया जाएगा। इस अनोखी पहल के तहत बिहान समूह से जुड़ी महिलाएं, ग्रामीण महिलाएं और बेटियां विद्यालय परिसर सहित आसपास लगाए गए पेड़-पौधों को रक्षा सूत्र बांधेंगी। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और ग्रामीणों को नए पौधे लगाने तथा उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करना है।
मानव जीवन और प्रकृति संतुलन के लिए हरियाली जरूरी

किसान स्कूल के संचालक दीनदयाल यादव ने कहा कि पेड़-पौधे मानव जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य हैं, क्योंकि वे हमें ऑक्सीजन, फल, फूल, औषधियां और छाया प्रदान कर पर्यावरण का संतुलन बनाए रखते हैं। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन के पावन अवसर को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़ों को परिवार के सदस्य की तरह सुरक्षित रखने का संदेश दिया जा रहा है। इस दौरान महिलाएं ‘पेड़ बचाएंगे, पर्यावरण बचाएंगे और आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित बनाएंगे’ का संकल्प लेते हुए पौधों की सतत सुरक्षा का दायित्व संभालेंगी।
पांच वर्षों से जारी अभियान, पूरे देश की दीदियों से जुड़ने का आह्वान
किसान स्कूल प्रबंधन ने पांच वर्ष पूर्व रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले इस अनूठी परंपरा की शुरुआत की थी, जो अब तक निरंतर जारी है। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ-साथ भारत के सभी राज्यों की स्व-सहायता समूहों की दीदियों से भी आग्रह किया है कि वे इस मुहिम से जुड़कर प्रकृति राखी पर्व मनाएं और पर्यावरण संरक्षण के इस पावन संकल्प को एक राष्ट्रव्यापी जनअभियान का रूप दें।




