जाँजगीर -चाँपा

महतारी वंदन योजना बनी संबल: राशि जुटाकर भारती धीवर ने खरीदी सिलाई मशीन, खुद के हुनर से लिख रहीं आत्मनिर्भरता की नई कहानी

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से पोषण और स्वास्थ्य को मिला सहारा; जांजगीर-चांपा की महिला ने पीएम मोदी और सीएम साय का जताया आभार

🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं किस तरह एक सामान्य गृहिणी के जीवन में स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता का नया अध्याय लिख सकती हैं, इसकी जीवंत मिसाल बनी हैं जांजगीर-चांपा जिले की श्रीमती भारती धीवर। कभी परिवार के दैनिक खर्चों के लिए संघर्ष करने वाली भारती ने ‘महतारी वंदन योजना’ से मिलने वाली वित्तीय सहायता का सदुपयोग करते हुए न केवल सिलाई मशीन खरीदी, बल्कि अपने हुनर के दम पर स्वरोजगार स्थापित कर परिवार का आर्थिक संबल बन गई हैं।

महतारी वंदन की राशि से खरीदा स्वावलंबन का साधन

श्रीमती भारती धीवर ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि पहले परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता था। ऐसे समय में राज्य शासन की ‘महतारी वंदन योजना’ उनके लिए संजीवनी साबित हुई। योजना के तहत मिलने वाली निश्चित मासिक आर्थिक सहायता को उन्होंने व्यर्थ खर्च करने के बजाय सहेजकर रखा और उससे एक सिलाई मशीन खरीदी।

सिलाई मशीन आने के बाद उन्होंने कपड़ों की सिलाई का कार्य प्रारंभ किया। अपनी मेहनत और हुनर के बल पर वे नियमित आय अर्जित करने लगी हैं, जिससे परिवार की आर्थिक गाड़ी को मजबूत सहारा मिल रहा है।

मातृ वंदना योजना ने सुनिश्चित किया बेहतर पोषण और स्वास्थ्य

भारती धीवर के जीवन में शासकीय योजनाओं का लाभ दोहरा संबल लेकर आया। उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना’ के तहत मिली आर्थिक सहायता ने गर्भावस्था के नाजुक दौर में उनके स्वास्थ्य और पोषण संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में अमूल्य योगदान दिया। इस सहायता राशि से शिशु के जन्म के बाद भी जच्चा-बच्चा की समुचित देखभाल और संतुलित आहार सुनिश्चित हो सका।

शासन के प्रति व्यक्त किया हृदय से आभार

श्रीमती भारती धीवर के लिए ये दोनों योजनाएं महज आर्थिक मदद नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मनिर्भरता और सुरक्षित मातृत्व का आधार बन चुकी हैं। अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव के लिए उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए आभार जताया है। भारती धीवर की यह सफलता साबित करती है कि यदि शासकीय योजनाओं की सहायता का सही दिशा में सदुपयोग किया जाए, तो महिलाएं स्वावलंबी बनकर पूरे समाज को नई दिशा दे सकती हैं।

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