Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के शहरों में विकास कार्यों को गति देने सीएम साय के कड़े निर्देश, 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें

अमृत मिशन में धीमी प्रगति पर मुख्यमंत्री ने जताई नाराजगी; 8 नगरीय निकायों में लगेंगे सीबीजी प्लांट, 38 निकायों में बनेंगे नालंदा परिसर

रायपुर। 8 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं और अधोसंरचना निर्माण कार्यों को समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में दो टूक कहा कि शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, स्ट्रीट लाइट और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं तय समय-सीमा में मिलनी चाहिए।

अमृत मिशन 2.0 की धीमी प्रगति पर नाराजगी

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अमृत मिशन 2.0 के कार्यों में अपेक्षित प्रगति न दिखने पर असंतोष जताया। उन्होंने अधिकारियों को इसे मिशन मोड में लेते हुए प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया। साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में आधुनिक तकनीक और उच्च गुणवत्ता अपनाने तथा स्लम रिडेवलपमेंट व लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में योजनाबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।

चार प्रमुख शहरों में 240 ई-बसें और 8 निकायों में सीबीजी प्लांट

राज्य में पर्यावरण-अनुकूल और सुगम परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जरूरी अधोसंरचना कार्य मार्च 2027 से पहले पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, स्वच्छ व सतत ईंधन को बढ़ावा देने के लिए सतत योजना के तहत प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर, रायपुर देश में छठे स्थान पर

प्रदेश के युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक वातावरण देने के उद्देश्य से 38 नगरीय निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 31 में निर्माण कार्य जारी है। बैठक में यह भी बताया गया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रायपुर ने 189 अंक हासिल कर देश भर में छठा स्थान प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि की सराहना करते हुए नगरीय क्षेत्रों में हरित पट्टी और वार्ड स्तर पर उद्यान विकसित करने तथा सघन वृक्षारोपण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है और निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के पात्र हितग्राहियों को शीघ्र आवास आबंटित करने, नगरीय निकायों को विद्युत देयकों का प्रतिमाह नियमित भुगतान करने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आने वाली शिकायतों का त्वरित व संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करने को कहा।

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