मारपीट के 3 अलग-अलग मामलों में बलौदा पुलिस का कड़ा प्रहार: गणेश विसर्जन व जमीन विवाद में 7 आरोपी गिरफ्तार

जातिगत गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी पर एक्शन; BNS और SC/ST एक्ट के तहत भेजे गए जेल
🔴 जांजगीर-चांपा। जिले में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा असामाजिक तत्वों और मारपीट की घटनाओं पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन तथा बलौदा थाना प्रभारी निरीक्षक मनोहर सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मारपीट, गाली-गलौज और धमकी देने के तीन अलग-अलग मामलों में कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम (SC/ST Act) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
गणेश विसर्जन के दौरान विवाद: पहरिया के 6 युवक गिरफ्तार
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पहला मामला ग्राम पहरिया का है, जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान मामूली बात को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इस दौरान आरोपियों ने पीड़ित पक्ष के साथ जातिगत गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों से मारपीट कर गंभीर चोट पहुंचाई। मामले में प्रार्थी की रिपोर्ट पर बलौदा थाने में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी करते हुए पहरिया निवासी 6 आरोपियों—उकेश साहू (35), रामेश्वर साहू (36), नितेश बरेठ (30), प्रभाकर यादव (24), अनुपम यादव (24) और भुवनेश्वर उर्फ लाल बरेठ (27) को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार किया।
जमीन विवाद में गाली-गलौज व धमकी: कोरबी का आरोपी भी धराया
वहीं दूसरा मामला ग्राम कोरबी से सामने आया, जहां जमीन संबंधी पुराने विवाद को लेकर आरोपी सुपेत दास मानिकपुरी (42 वर्ष) ने पीड़ित के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित संज्ञान लेते हुए आरोपी सुपेत दास मानिकपुरी को गिरफ्तार कर लिया।
धाराओं के तहत अपराध दर्ज, भेजे गए न्यायिक रिमांड पर
थाना बलौदा में इन तीनों मामलों के संदर्भ में अपराध क्रमांक 464/2026, 473/2026 एवं 474/2026 के तहत बीएनएस और एससी/एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किए गए। सभी 7 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।




