Chhattisgarhजाँजगीर -चाँपा

दीपावली पर दीये बेचने वाले कुम्हारों को बड़ी राहत: बाजारों में मिलेगा मुफ्त स्थान, कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने कर और शुल्क वसूली पर लगाई रोक

हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर मिट्टी के दीये बेचने के लिए मिलेगी प्राथमिकता; कुम्हारों को असुविधा नहीं देने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश

🔴 आज की बात | जांजगीर-चांपा। दीपावली पर मिट्टी के दीये बेचने वाले स्थानीय कुम्हारों और ग्रामीण शिल्पकारों को जिला प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले के सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों को निर्देश जारी कर मिट्टी के दीयों की बिक्री के लिए बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही दीये बेचने आने वाले कुम्हारों और ग्रामीण शिल्पकारों से किसी भी प्रकार का कर या शुल्क नहीं लेने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि दीपावली के दौरान आयोजित होने वाले हाट-बाजारों और अन्य स्थानीय आयोजनों में मिट्टी के दीये बेचने वाले स्थानीय कुम्हारों एवं ग्रामीण शिल्पकारों को प्राथमिकता के आधार पर स्थान दिया जाए। उन्हें बिक्री के दौरान किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो और उनके साथ सहयोगात्मक व्यवहार किया जाए।

स्थानीय कारीगरों की आजीविका को मिलेगा बढ़ावा

प्रशासन का यह कदम स्थानीय कुम्हारों और ग्रामीण शिल्पकारों के स्वनिर्मित उत्पादों की बिक्री को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। दीपावली के दौरान मिट्टी के दीयों की मांग बढ़ती है। ऐसे में बाजारों में उचित स्थान और कर-शुल्क से राहत मिलने से स्थानीय कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने में सहूलियत मिलेगी।

कलेक्टर की जिलेवासियों से अपील

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिलेवासियों से दीपावली पर्व पर मिट्टी के दीयों का उपयोग करने और स्थानीय कारीगरों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों की खरीद करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने से कुम्हारों और ग्रामीण शिल्पकारों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा उनकी आजीविका को बढ़ावा मिलेगा।

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