होली से पहले किसानों को खुशियों की सौगात, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना की राशि की अंतरित


जांजगीर-चांपा। होली पर्व से पहले प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कृषक उन्नति योजना अंतर्गत राज्य स्तरीय धान बोनस वितरण कार्यक्रम के माध्यम से 25 लाख 28 हजार से अधिक पंजीकृत किसानों के खातों में 10,324 करोड़ रुपये की आदान सहायता राशि का अंतरण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वर्चुअल माध्यम से जांजगीर-चांपा जिले के विकासखंड नवागढ़ के ग्राम भैसमुड़ी के किसान समर्थ सिंह से संवाद भी किया।
कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत जांजगीर-चांपा जिले के 1,18,927 किसानों के बैंक खातों में कुल 450 करोड़ 85 लाख 45 हजार 132 रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे अंतरित की गई। राशि खातों में पहुंचते ही किसानों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल देखा गया। यह सहायता आगामी फसल की तैयारी, कृषि निवेश एवं पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक सिद्ध होगी।
जिला मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम भवन, जांजगीर में आयोजित कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप, पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, जिला पंचायत सदस्य, जनपद एवं नगर निकाय प्रतिनिधि, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया गया, जिसे जनप्रतिनिधियों और किसानों ने देखा।
किसानों के सम्मान का दिन
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। 25 लाख से अधिक किसानों द्वारा बेचे गए धान के बदले 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके खातों में अंतरित की गई है, ताकि किसान भाई होली का त्योहार हर्षोल्लास से मना सकें। उन्होंने कहा कि इस बार किसानों को न तो बारदाने की समस्या हुई और न ही भुगतान में देरी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसान हितैषी सरकार है। शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा, धान का उचित मूल्य, खाद पर सब्सिडी और सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी सहायता राशि अंतरित की जा रही है तथा सहकारिता को और अधिक सशक्त बनाने के प्रयास जारी हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा किसानों को 6,000 रुपये प्रतिवर्ष सम्मान निधि दी जा रही है। पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए एनडीडीबी से समझौता किया गया है, जिससे छत्तीसगढ़ में दुग्ध क्रांति का मार्ग प्रशस्त होगा।
जनप्रतिनिधियों ने किया संबोधन
जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद से किसानों के हित में लगातार निर्णय लिए जा रहे हैं। शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण और केसीसी के माध्यम से मिली सुविधाओं से खेती-किसानी को मजबूती मिली है।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने किसानों को अन्नदाता बताते हुए आधुनिक कृषि तकनीक, जल संरक्षण, मिट्टी परीक्षण और फसल विविधीकरण अपनाने का आह्वान किया तथा मुख्यमंत्री व राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।

भैसमुड़ी के किसान से संवाद
विकासखंड नवागढ़ अंतर्गत ग्राम भैसमुड़ी के किसान समर्थ सिंह ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पास 9.24 एकड़ पंजीकृत रकबा है। उन्होंने खरीफ विपणन वर्ष में 194 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर विक्रय किया, जिसके एवज में उन्हें अब तक 4,59,586 रुपये प्राप्त हो चुके हैं। कृषक आदान सहायता योजना अंतर्गत उन्हें 1,41,814 रुपये की अतिरिक्त राशि भी प्राप्त होगी। उन्होंने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा और कृषि कार्यों में किया जाएगा।





