विधायक व्यास कश्यप का सरकार के खिलाफ मोर्चा: 1 मई को कलेक्टोरेट में गांधी प्रतिमा के सामने देंगे धरना

जांजगीर-चांपा विधानसभा की उपेक्षा का लगाया आरोप, 2.96 करोड़ के विकास कार्य लंबित होने पर जताया भारी आक्रोश
जांजगीर-चांपा । विधायक व्यास कश्यप ने शासन-प्रशासन के खिलाफ सत्याग्रह का बिगुल फूंक दिया है। सोमवार को सर्किट हाउस में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने जिला प्रशासन पर भेदभाव का गंभीर आरोप लगाते हुए ऐलान किया कि वे 1 मई 2026 को कलेक्टर कार्यालय परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष धरना देंगे। विधायक का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों को जानबूझकर रोका जा रहा है।
विकास निधि और सीएसआर मद में अटका रोड़ा
विधायक व्यास कश्यप ने आधिकारिक पत्र जारी कर बताया कि उनके क्षेत्र के लिए प्रस्तावित 2.96 करोड़ रुपये की विधायक निधि अब तक जारी नहीं की गई है। इसके साथ ही सीएसआर (CSR) और डीएमएफ (DMF) मद से होने वाले जनहित के कार्यों को भी प्रशासनिक स्वीकृति नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को उनके अधिकारों से वंचित करना लोकतंत्र का अपमान है।
“विधानसभा और मंत्री के आश्वासन की अवहेलना”
विधायक ने कड़े शब्दों में कहा कि 25 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान सदन में संबंधित मंत्री द्वारा कार्यों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। इसके बावजूद, स्थानीय अधिकारियों द्वारा फाइलों को दबाकर रखना सीधे तौर पर ‘विधानसभा की अवहेलना’ है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर ऐसे लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सुशासन केवल कागजों तक सीमित: व्यास कश्यप
प्रेस वार्ता के दौरान विधायक ने सरकार के ‘सुशासन’ के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के काम जमीन पर नजर नहीं आ रहे हैं। प्रशासनिक तानाशाही के विरोध में वे 1 मई को शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई जांजगीर-चांपा की जनता के हक की है और जब तक विकास कार्यों को हरी झंडी नहीं मिलती, वे पीछे नहीं हटेंगे।





