वायरल गर्ल’ हर्षा रिछारिया ने उज्जैन में लिया संन्यास; खुद का पिंडदान कर बनीं ‘साध्वी हर्षानंद गिरी’

ग्लेमर की दुनिया को स्थायी विदाई: शिप्रा तट पर मंगलनाथ के पास ली दीक्षा, अब धर्म-संस्कृति के लिए समर्पित होगा जीवन
उज्जैन (अवंतिका): सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और ‘महाकुंभ वायरल गर्ल’ के नाम से मशहूर हर्षा रिछारिया ने आज रविवार (19 अप्रैल 2026) को आधिकारिक रूप से गृहस्थ जीवन का त्याग कर दिया है। बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में उन्होंने विधिवत संन्यास ग्रहण किया। संन्यास की प्रक्रिया के दौरान उन्होंने अपना पिंडदान और तर्पण भी किया, जो सांसारिक मोह-माया से पूर्ण विच्छेद का प्रतीक है।
मोनी तीर्थ पीठाधीश्वर से ली दीक्षा
हर्षा ने उज्जैन के मंगलनाथ क्षेत्र स्थित गंगाघाट पर मोनी तीर्थ पीठाधीश्वर सुमनानंद महाराज (सुमना जी महाराज) से दीक्षा प्राप्त की। दीक्षा के बाद गुरु ने उन्हें नया नाम ‘साध्वी हर्षानंद गिरी’ दिया। संन्यास की मर्यादा के अनुसार उन्होंने अपनी शिखा (चोटी) का त्याग किया और दंड धारण कर भगवा चोला अपना लिया है।
विवादों और यू-टर्न के बाद अंतिम फैसला
हर्षा रिछारिया का सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है:
महाकुंभ से चर्चा: 2021 और फिर 2025 के महाकुंभ में भगवा वस्त्रों में उनकी तस्वीरें वायरल हुई थीं।
विवाद: सोशल मीडिया पर उनकी पुरानी ग्लैमरस तस्वीरें वायरल होने के बाद वे विवादों में घिरी थीं।
ग्लैमर में वापसी की चर्चा: जनवरी 2026 के आसपास खबरें आई थीं कि वे संन्यास छोड़ दोबारा मॉडलिंग में लौट रही हैं, लेकिन आज उज्जैन में दीक्षा लेकर उन्होंने सभी अटकलों पर विराम लगा दिया है।
“गुरु के आदेश पर अब दाग नहीं लगने दूंगी”
दीक्षा के बाद हर्षानंद गिरी ने कहा कि प्रयागराज कुंभ के समय से ही उन्हें संकेत मिल रहे थे कि उनका मार्ग अध्यात्म का ही है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे अब ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगी जिससे संन्यास की मर्यादा और गुरु परंपरा पर कोई दाग लगे। वे अब अपना जीवन समाज सेवा और सनातन धर्म के प्रचार में बिताएंगी।





