दलहन-तिलहन की खेती पर किसानों को मिलेगा 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने राज्य सरकार का फैसला, धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसल लेने वाले किसानों को मिलेगा लाभ
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर चाम्पा
राज्य सरकार ने किसानों को फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। आगामी खरीफ सीजन से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
कृषक उन्नति योजना के तहत मिलेगा लाभ
कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत पहले से ही मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, दलहन, तिलहन एवं कपास जैसी खरीफ फसलों की खेती करने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। अब धान के बजाय अन्य फसलें लेने वाले किसानों के लिए यह राशि बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
DBT के माध्यम से खाते में पहुंचेगी राशि
योजना के तहत पंजीयन कराने वाले किसानों को एग्रीस्टैक में पंजीयन तथा डिजिटल क्रॉप सर्वे में रकबे की पुष्टि के बाद मान्य रकबे पर सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी जाएगी।
पंजीयन कराना होगा अनिवार्य
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। किसान यह पंजीयन सेवा सहकारी समिति अथवा सीएससी सेंटर के माध्यम से करा सकते हैं।
फसल विविधीकरण को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस योजना से किसानों को धान के अलावा अन्य लाभकारी फसलों की ओर आकर्षित करने में मदद मिलेगी। इससे कृषि में विविधता बढ़ेगी और किसानों की आय में भी वृद्धि होने की संभावना है।




