आज साल का सबसे बड़ा दिन: करीब 14 घंटे रहेगी धूप, जानिए क्यों खास है 21 जून

पृथ्वी के झुकाव के कारण 21 जून को उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है
🔴 Aaj Ki Baat News | डेस्क
हर वर्ष 21 जून को उत्तरी गोलार्ध के देशों में साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। भारत में इस दिन लगभग 13 घंटे 58 मिनट तक सूर्य का प्रकाश रहता है, जबकि रात सबसे छोटी होती है। यही वजह है कि 21 जून को खगोलीय दृष्टि से विशेष महत्व दिया जाता है।
क्यों होता है सबसे लंबा दिन?
वैज्ञानिकों के अनुसार पृथ्वी अपनी धुरी पर लगभग 23.5 डिग्री झुकी हुई है। 21 जून को पृथ्वी का उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर सबसे अधिक झुक जाता है। इसके कारण सूर्य की किरणें कर्क रेखा पर लगभग सीधी पड़ती हैं और दिन की अवधि बढ़ जाती है। इस खगोलीय घटना को “ग्रीष्म अयनांत” (Summer Solstice) कहा जाता है।
क्यों छोटी हो जाती है परछाई?
इस दिन दोपहर के समय सूर्य आकाश में काफी ऊंचाई पर पहुंच जाता है। कई स्थानों पर सूर्य लगभग सिर के ऊपर दिखाई देता है, जिससे वस्तुओं और लोगों की परछाई सामान्य दिनों की तुलना में बेहद छोटी नजर आती है। यही कारण है कि लोगों को कई बार परछाई लगभग गायब होने जैसी प्रतीत होती है।
भारत समेत कई देशों में दिखता है असर
21 जून का प्रभाव भारत, अमेरिका, यूरोप और एशिया के अधिकांश देशों में देखा जाता है। इन क्षेत्रों में यह वर्ष का सबसे लंबा दिन और सबसे छोटी रात होती है। इसके बाद धीरे-धीरे दिन छोटे और रातें लंबी होने लगती हैं।
योग दिवस से भी जुड़ा है विशेष महत्व
21 जून को पूरी दुनिया में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। वैज्ञानिक महत्व के साथ-साथ इसका आध्यात्मिक महत्व भी माना जाता है। भारतीय परंपरा में इसे सूर्य के दक्षिणायन की शुरुआत का समय माना जाता है। मान्यता है कि इसी काल में भगवान शिव ने सप्तऋषियों को योग और अध्यात्म का ज्ञान प्रदान किया था, जिसके कारण उन्हें आदियोगी और आदिगुरु कहा जाता है।
प्रकृति और विज्ञान का अनोखा संगम
ग्रीष्म अयनांत केवल एक खगोलीय घटना नहीं, बल्कि यह पृथ्वी, सूर्य और मौसम के बीच संबंधों को समझने का भी अवसर है। यही वजह है कि 21 जून विज्ञान, प्रकृति और भारतीय संस्कृति तीनों दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है।




