DMF की शासी परिषद की बैठक में बड़े फैसले, शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल सुविधाओं को मिलेगी प्राथमिकता

वार्षिक कार्ययोजना और पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना पर चर्चा, खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर रहेगा विशेष फोकस।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
जिला खनिज न्यास संस्थान (डीएमएफ) की शासी परिषद की बैठक मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में डीएमएफ मद से प्राप्त राशि, व्यय, प्रगतिरत कार्यों और नए प्रस्तावों की समीक्षा की गई। साथ ही पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना एवं वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा करते हुए खनिज प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए प्राथमिकताएं तय की गईं।
बैठक में सांसद कमलेश जांगड़े, विधायक ब्यास कश्यप, राघवेंद्र कुमार सिंह, बालेश्वर साहू, शेषराज हरबंश, जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, कलेक्टर जन्मेजय महोबे, पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय, डीएफओ हिमांशु डोंगरे, जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे सहित शासी परिषद के सदस्य एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
शिक्षा, स्वास्थ्य और पेयजल पर रहेगा विशेष जोर
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बताया कि प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत तैयार कार्ययोजना के अनुसार उपलब्ध निधि का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास, कौशल विकास, कृषि, पशुपालन, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण, आवास और आधारभूत संरचना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग खनिज प्रभावित क्षेत्रों में जनसुविधाओं को बेहतर बनाने और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से किया जाएगा।
पंचवर्षीय योजना के अनुरूप होगा बजट खर्च
बैठक में तय किया गया कि डीएमएफ की राशि का उपयोग पंचवर्षीय परिप्रेक्ष्य योजना और वार्षिक कार्ययोजना के अनुरूप किया जाएगा। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता आएगी और विकास कार्यों को निर्धारित प्राथमिकताओं के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकेगा।
पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा
कलेक्टर ने कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण के लिए निजी सहभागिता और आंशिक वित्तपोषण के माध्यम से बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित किया जाएगा। साथ ही विभिन्न विभागों की योजनाओं के अभिसरण से विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों को गति दी जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने दिए अहम सुझाव
बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों और सदस्यों ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, अधोसंरचना, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की आवश्यकता बताई।
खनिज प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास पर फोकस
शासी परिषद के सदस्यों ने कहा कि डीएमएफ निधि का उपयोग जिले के समन्वित और सतत विकास के लिए किया जाना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण, सड़क, पेयजल, शिक्षा गुणवत्ता और अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता देकर खनिज प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को अधिकतम लाभ पहुंचाया जा सकता है।




