मुख्यमंत्री साय की ‘महतारी वंदन योजना’ ला रही रंग: जांजगीर की शबीना बेगम ने योजना के पैसे से खड़ा किया खुद का व्यवसाय

ग्राम सरखों की महिला ने योजना की राशि का चूड़ी दुकान में किया निवेश; अब बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जरूरतों को आसानी से कर रहीं पूरा
जांजगीर-चांपा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित ‘महतारी वंदन योजना’ प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण संबल साबित हो रही है। योजना के तहत मिलने वाली 1,000 रुपये की प्रतिमाह सहायता राशि का सही उपयोग कर तहसील जांजगीर के ग्राम सरखों की श्रीमती शबीना बेगम ने अपने छोटे से चूड़ी व्यवसाय को विस्तार देकर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश की है।
व्यवसाय में निवेश
एकीकृत बाल विकास परियोजना जांजगीर के अंतर्गत ग्राम सरखों निवासी शबीना बेगम अपने घर में ही छोटी सी चूड़ी दुकान चलाती थीं। सीमित आमदनी के कारण परिवार का गुजारा करना चुनौतीपूर्ण था। मार्च 2024 से महतारी वंदन योजना के तहत प्रति माह 1,000 रुपये मिलने शुरू हुए, तो उन्होंने इस राशि को एकमुश्त जोड़कर अपनी चूड़ी दुकान में नए सामान और विविधताओं का स्टॉक बढ़ाया।
आय में वृद्धि
दुकान में वैरायटी बढ़ने से ग्राहकों की आवाजाही बढ़ी और शबीना बेगम की दैनिक आय में भी उल्लेखनीय इजाफा हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपने व्यवसाय को बड़े स्तर पर स्थापित कर लिया, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आया है।
परिवार को संबल
शबीना बेगम बताती हैं कि योजना से मिली मदद ने उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया है। अब वे न केवल अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से चला रही हैं, बल्कि बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और पढ़ाई-लिखाई के खर्च भी खुद उठाने में सक्षम हो गई हैं। वे इस आर्थिक संबल के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करती हैं।



