Chhattisgarhजाँजगीर -चाँपा

तकनीक के पंखों से आत्मनिर्भरता की उड़ान: ड्रोन दीदी हेमलता मनहर बोलीं- बहनों के सम्मान में निरंतर काम कर रहे हैं विष्णु भैया

नमो ड्रोन दीदी योजना से संवर रहा जांजगीर की महिलाओं का जीवन; खेती में आधुनिक तकनीक अपनाकर सालाना 1 से 2 लाख रुपये तक कमा रही हैं हेमलता मनहर।

जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पोड़ी की निवासी श्रीमती हेमलता मनहर आज आधुनिक कृषि तकनीक और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन चुकी हैं। कभी घरेलू जिम्मेदारियों तक सीमित रहने वाली हेमलता ने ‘नमो ड्रोन दीदी योजना’ से जुड़कर अपने जीवन को नई दिशा दी है और आज पूरे क्षेत्र में ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में पहचानी जाती हैं।

ड्रोन के जरिए खेतों में कर रही हैं छिड़काव

हेमलता मनहर किसानों के खेतों में आधुनिक ड्रोन के माध्यम से नैनो उर्वरक और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। इससे किसानों का समय और श्रम बचने के साथ-साथ उन्हें स्वयं भी सम्मानजनक रोजगार मिला है। उनकी मेहनत और आत्मविश्वास को देखकर गांव की अन्य महिलाएं भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित हो रही हैं।

महतारी वंदन योजना और ड्रोन दीदी से मिला संबल

श्रीमती हेमलता बताती हैं कि ड्रोन के जरिए कृषि कार्य करने से उन्हें सालाना लगभग 1 से 2 लाख रुपये तक की आय हो रही है। इस राशि से वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की बेहतर शिक्षा में सहयोग कर रही हैं। उन्होंने बताया कि नमो ड्रोन दीदी योजना ने उन्हें रोजगार और सामाजिक पहचान दी है, वहीं ‘महतारी वंदन योजना’ की सहायता रोजमर्रा के खर्चों में संबल बन रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि हमारे ‘विष्णु भैया’ बहनों के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। इन योजनाओं से महिलाओं में आत्मनिर्भरता के साथ-साथ निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत हुई है।

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