Chhattisgarhभ्रष्टाचार

ACB समूह और SECL में महाघोटाले का आरोप: बिलासपुर मुख्यालय के सामने भारतीय जनाधिकार पार्टी का जोरदार धरना

1999 से अब तक के कोल लिंकेज व वाशरियों की CBI-SIT जांच की मांग; 2 अक्टूबर को कोरबा में 24 घंटे की भूख हड़ताल का अल्टीमेटम

img 20260924 1829586512673632975201772

🔴 आज की बात News | बिलासपुर।  ACB समूह की विभिन्न कोल वाशरियों, ताप विद्युत संयंत्रों और कोयला लिंकेज में बड़े पैमाने पर कथित भ्रष्टाचार को लेकर भारतीय जनाधिकार पार्टी (छत्तीसगढ़) ने एसईसीएल (SECL) मुख्यालय बिलासपुर के समक्ष एकदिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया। पार्टी पदाधिकारियों ने वर्ष 1999 से लेकर वर्तमान तक की सभी गतिविधियों, वित्तीय लेन-देन, कोयला परिवहन और क्षमता विस्तार की सीबीआई (CBI), विशेष जांच दल (SIT) और न्यायिक जांच कराने की मांग करते हुए प्रबंधन को विस्तृत ज्ञापन सौंपा।

अरबों के कोयले में हेरफेर का आरोप

धरने को संबोधित करते हुए पार्टी के संयोजक एवं अध्यक्ष दीपक दुबे ने आरोप लगाया कि दीपका, गेवरा, कुसमुंडा, चकाबुरा, रतिजा, रेंकी और बिंझारी स्थित वाशरियों में स्वीकृत क्षमता से अधिक कोयले की अवैध प्रोसेसिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि कागजों में रिजेक्ट कोल दिखाने की अनुमति की आड़ में उच्च गुणवत्ता वाले कोयले की बड़े पैमाने पर अफरा-तफरी हो रही है। दुबे ने दावा किया कि कोल लेवी वसूली अब 25 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति टन हो चुकी है और जिम्मेदार SECL अधिकारियों की मिलीभगत से यह पूरा खेल जारी है।

पेसा कानून उल्लंघन और प्रदूषण पर सवाल

img 20260924 wa00154471258078538319291

प्रदर्शनकारियों ने कोरबा क्षेत्र में पेसा (PESA) कानून का खुला उल्लंघन कर सैकड़ों एकड़ वन भूमि औद्योगिक उपयोग में दिए जाने का आरोप लगाया और ग्राम सभाओं के वास्तविक प्रस्तावों की जांच की मांग की। इसके साथ ही वाशरियों और रेलवे साइडिंग के 10 किलोमीटर के दायरे में जनस्वास्थ्य व पर्यावरणीय नुकसान का वैज्ञानिक सर्वे कराने, 2015 से इस्तेमाल हो रहे बायोडीजल की स्वतंत्र जांच तथा श्रमिकों के ईएसआई व पीएफ अधिकारों के पालन की पड़ताल कराने की मांग उठाई गई।

अन्य दलों का समर्थन व अल्टीमेटम

इस आंदोलन को इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष रजनीश सेठ और आम आदमी पार्टी के सचिव डॉ. सुनील राज किरण ने भी अपना समर्थन दिया। दीपक दुबे ने दोटूक चेतावनी दी कि यदि सरकार और जांच एजेंसियां त्वरित कार्रवाई नहीं करती हैं, तो 2 अक्टूबर को गांधी जयंती पर कोरबा कलेक्ट्रेट के सामने 24 घंटे की भूख हड़ताल की जाएगी। इसके बाद 22 अक्टूबर से SECL मुख्यालय में अनिश्चितकालीन धरना और 1 नवंबर को केंद्रीय कोयला मंत्री के हैदराबाद आवास के समक्ष प्रदर्शन किया जाएगा।

img 20260924 wa00142231395673758297471

Related Articles

Back to top button