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अकलतरा में खाकी का शौर्य: धधकती आग के बीच ‘रियल हीरो’ बने आरक्षक शैलेंद्र, बचाई 12 जिंदगियां; आईजी ने किया सम्मानित

अंबेडकर चौक स्थित कॉम्प्लेक्स में लगी थी भीषण आग, ऊपरी मंजिल में सो रहे परिवार के लिए देवदूत बनकर पहुंचे जवान; सीढ़ी लगाकर सुरक्षित निकाला

🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। जब पूरा शहर गहरी नींद के आगोश में था, तब अकलतरा में खाकी की मुस्तैदी ने एक हंसते-खेलते परिवार को काल के गाल में समाने से बचा लिया। अंबेडकर चौक स्थित एक व्यावसायिक परिसर में भड़की भीषण आग के बीच आरक्षक शैलेंद्र राठौर ने अदम्य साहस और त्वरित सूझबूझ का परिचय देते हुए 12 जिंदगियों को सुरक्षित बाहर निकाला। कर्तव्यनिष्ठा की इस मिसाल पर बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) रामगोपाल गर्ग ने जवान को प्रशस्ति-पत्र देकर विशेष रूप से सम्मानित किया।

आधी रात को भड़की आग, ऊपर सो रहा था 12 सदस्यों का परिवार

घटना अकलतरा थाना क्षेत्र के व्यस्त अंबेडकर चौक स्थित सिसोदिया सुपर मार्केट कॉम्प्लेक्स की है। देर रात करीब 2:35 बजे कॉम्प्लेक्स के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर संचालित ‘नीरज कलेक्शन’ नामक कपड़ा दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट या अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और धुएं के घने गुबार के साथ लपटें पहली मंजिल की ओर बढ़ने लगीं। इस दौरान पहली मंजिल पर स्थित आवास में एक ही परिवार के 12 सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे, जिन्हें नीचे भड़क रही आग की भनक तक नहीं थी।

गश्त के दौरान नजर पड़ी और तुरंत शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन

इलाके में रात्रि गश्त पर तैनात आरक्षक शैलेंद्र राठौर की नजर अचानक कॉम्प्लेक्स से उठती ऊंची लपटों और धुएं पर पड़ी। खतरे की गंभीरता को भांपते हुए उन्होंने बिना एक पल गंवाए तत्काल पुलिस कंट्रोल रूम, थाना प्रभारी और दमकल विभाग को सूचना दी। इसके साथ ही वे खुद मौके की ओर दौड़े। पहली मंजिल पर रास्ता धुएं से पूरी तरह घिर चुका था, जिससे सीढ़ियों से नीचे उतरना नामुमकिन था। आरक्षक शैलेंद्र ने बिना समय गंवाए बिजली विभाग से संपर्क कर बड़ी सीढ़ी मंगवाई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम और आरक्षक ने संयुक्त सूझबूझ दिखाते हुए सीढ़ी के सहारे पहली मंजिल की खिड़की/छज्जे से एक-एक कर सभी 12 लोगों (जिनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं) को सकुशल नीचे उतारा।

आईजी ने थपथपाई पीठ, मिला प्रशस्ति-पत्र

यदि आरक्षक की नजर समय पर नहीं पड़ती और चंद मिनटों की भी देरी होती, तो दम घुटने या लपटों की चपेट में आने से भीषण जनहानि हो सकती थी। जवान के इस जांबाज कदम से एक बड़ा अग्निकांड टल गया। जिला निरीक्षण एवं ‘पुलिस मितान समागम’ कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने आरक्षक शैलेंद्र राठौर के अदम्य साहस, कर्तव्यबोध और तत्परता की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने मंच पर आरक्षक को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया और कहा कि ऐसे समर्पित जवान पूरी पुलिस फोर्स का मान बढ़ाते हैं।

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