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आस्था और लोककला का अलौकिक संगम: चांपा के सिवनी चौक में मां दुर्गा का दिव्य स्वरूप, टेराकोटा पंडाल बना श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र

छत्तीसगढ़ में पहली बार टेराकोटा हस्तशिल्प थीम पर तैयार हुआ भव्य पंडाल; शतचंडी महायज्ञ के साथ नवरात्रि महोत्सव का हुआ शुभारंभ

🔴 आज की बात News | जांजगीर चांपा। कोसा, कांसा और कंचन की ऐतिहासिक नगरी चांपा में शारदीय नवरात्रि पर्व की रौनक इस बार देखते ही बन रही है। शहर के कोरबा रोड स्थित सिवनी चौक में मां दुर्गा की भव्य प्रतिमा और अप्रतिम साज-सज्जा ने समूचे वातावरण को भक्तिमय और दिव्य बना दिया है। यहां विराजित ‘चांपा की महारानी’ मां दुर्गा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। इस वर्ष का मुख्य आकर्षण टेराकोटा हस्तशिल्प की थीम पर निर्मित भव्य पंडाल है, जो अपनी अनूठी कलात्मकता और पारंपरिक शिल्पकला के चलते पूरे क्षेत्र में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

छत्तीसगढ़ में पहली बार टेराकोटा हस्तशिल्प की थीम

सिवनी चौक के आयोजन को विशिष्ट रूप देने के लिए पंडाल को पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा (माकोड़ा) क्षेत्र की प्रसिद्ध लोक हस्तशिल्प कला से प्रेरित होकर तैयार किया गया है। आयोजकों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में पहली बार इस अनूठी थीम का प्रयोग पंडाल निर्माण में किया गया है। पंडाल को साकार करने के लिए बांस और अन्य प्राकृतिक संसाधनों से निर्मित पारंपरिक टोकरियों, चूड़ियों और हस्तशिल्प सामग्रियों का कलात्मक संयोजन किया गया है, जो भारतीय सांस्कृतिक धरोहर और लोककला की जीवंत झलक प्रस्तुत कर रहा है।

भटगांव के मूर्तिकार ने गढ़ा महारानी का मनोहारी स्वरूप

नवरात्रि महोत्सव का दूसरा प्रमुख केंद्र बिंदु मां दुर्गा की विशाल और भव्य प्रतिमा है। भटगांव के प्रसिद्ध मूर्तिकार द्वारा तैयार की गई इस प्रतिमा में पारंपरिक मूर्तिकला की बारीकियों, सौम्यता और शक्ति के भावों को अत्यंत सुंदर ढंग से उकेरा गया है। भव्य पंडाल, सुसज्जित रोशनी और देवी का ममतामयी स्वरूप मिलकर श्रद्धालुओं को एक आलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति करा रहे हैं।

शतचंडी महायज्ञ से अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ

सिवनी चौक में नवरात्रि महोत्सव की शुरुआत वैदिक विधि-विधान से शतचंडी महायज्ञ के साथ की गई। महायज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों के चलते पूरे अंचल में भक्ति और उल्लास की लहर है। पारंपरिक लोककला और आधुनिक साज-सज्जा के इस संगम को देखने के लिए शहर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

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