Chhattisgarhजाँजगीर -चाँपा

‘देश की आजादी में बंजारा समाज का रहा बलिदान’: स्वामी उमेशानंद गिरि बोले- विलुप्त न होने दें अपनी बोली और पारंपरिक पहचान

शीतला मंदिर प्रांगण में जुटा बिलासपुर संभाग का बंजारा समाज; महिलाओं ने पारंपरिक गीतों से की संतों की अगवानी

🔴 जांजगीर-चांपा। ग्राम खपरी टांडपारा में आयोजित बंजारा समाज के भव्य सम्मेलन में पहुंचे स्वामी उमेशानंद गिरि महाराज ने समाज के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बंजारा समाज के लोग मूलतः क्षत्रिय हैं, जिन्होंने देश पर आए हर संकट में आगे बढ़कर राष्ट्रविरोधी ताकतों का मुकाबला किया है। आजादी की लड़ाई में भी समाज के पूर्वजों ने अपने प्राणों की आहुति देकर अविस्मरणीय योगदान दिया। ऐसे में आज की पीढ़ी का यह दायित्व है कि वह अपने इतिहास और बलिदान को कभी न भूले।

बोली और पहनावे को सहेजने का किया आह्वान

स्वामी जी ने कहा कि बंजारा समाज की अपनी एक विशिष्ट बोली और समृद्ध पारंपरिक वेशभूषा है, जो उसकी वास्तविक पहचान है। यदि समाज ने अपनी भाषा और संस्कृति को छोड़ दिया, तो अपनी मूल पहचान खोकर दूसरों में विलीन हो जाएगा। इसलिए आधुनिकता के दौर में भी अपनी भाषा, पहनावे और लोकसंस्कृति को सहेजकर रखना बेहद जरूरी है।

मांसाहार और नशे से दूर रहकर अपनाएं संस्कार

सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज की उन्नति में नशा और मांसाहार सबसे बड़ी बाधा है। नशा व्यक्ति की मूल संस्कृति और विवेक को नष्ट कर देता है। उन्होंने समाज के लोगों से जीव हत्या से दूर रहने, मांस-मदिरा का पूरी तरह त्याग करने तथा बच्चों को उच्च शिक्षा और बेहतर संस्कार देने की अपील की, ताकि आने वाली पीढ़ी समाज और देश का नाम रोशन कर सके।

वरिष्ठ पत्रकार सीताराम नायक ने की संतों की अगवानी

माता शीतला बंजारा समिति द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में पहली बार स्वामी उमेशानंद गिरि महाराज का शुभागमन हुआ। शिव मंदिर धाम से बाजे-गाजे के साथ विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें बंजारा समाज की महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोकगीत गाकर संतों की अगवानी की। यह यात्रा जब मां शाकंभरी मंदिर पहुंची, तो वहां पत्रकार सीताराम नायक एवं उनके परिजनों ने स्वामी जी और संत समाज का आत्मीय स्वागत कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात संतों का काफिला माता शीतला के मुख्य धाम पहुंचा, जहां विशाल धर्मसभा संपन्न हुई।

बिलासपुर संभाग भर से जुटे सामाजिक बंधु

सम्मेलन में बिलासपुर संभाग के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में सामाजिक बंधु शामिल हुए। इस अवसर पर कृष्णागिरि जी महाराज, लक्ष्मीनारायण नायक, जयपाल सिंह नायक, डॉ. शिवरतन नायक, सत्यनारायण नायक, रामविलास नायक, सेवाराम नायक, दादूराम नायक, मोहन नायक, समारू नायक, प्यारेलाल नायक, गज्जू नायक, पटवारी सीताराम नायक, नंदा नायक, गोरेलाल नायक, बाबूलाल नायक, रथू नायक, लालजी नायक, जगत नायक, गोमती नायक, गौरी नायक, सुकृता नायक, फूलबाई नायक, दसरी बाई नायक, परमी देवी नायक, रामकली नायक सहित समिति के पदाधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।

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