
महिला आरक्षण का विरोध पड़ा भारी, अर्बन नक्सलियों का घर बनती जा रही है कांग्रेस; प्रधानमंत्री ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र
नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणामों में भारतीय जनता पार्टी के शानदार प्रदर्शन, विशेषकर पश्चिम बंगाल में मिली प्रचंड जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में साफ कर दिया कि बंगाल की जनता ने हिंसा और तुष्टिकरण की राजनीति को जड़ से उखाड़ फेंका है।
बंगाल में अब ‘मोदी की गारंटी’ और विकास की यात्रा
प्रधानमंत्री ने बंगाल की जनता को हिंसा मुक्त राजनीति का संदेश देते हुए सभी दलों से अपील की कि वे बदले की भावना को छोड़कर राज्य के विकास में सहयोग करें। उन्होंने कहा, “बंगाल में भयमुक्त वातावरण अब मोदी की गारंटी है। पहली बार डर नहीं, बल्कि लोकतंत्र जीता है।” पीएम ने घोषणा की कि बंगाल में नई सरकार बनते ही पहली कैबिनेट बैठक में ‘आयुष्मान भारत योजना’ को लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया जाएगा।

महिला विरोधियों को जनता ने सिखाया सबक
पीएम मोदी ने टीएमसी, डीएमके और एलडीएफ की हार के लिए उनके ‘महिला आरक्षण’ के विरोध को मुख्य कारण बताया। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि माताओं और बेटियों के इस आक्रोश का सामना आने वाले समय में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को भी करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जनता ने अब विभाजन और टकराव के बजाय ‘विश्वास और विकास’ को चुना है।
कांग्रेस और वामपंथ पर तीखा प्रहार
केरल में एलडीएफ की हार का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि अब देश के किसी भी राज्य में कम्युनिस्ट सरकार नहीं बची है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस अब ‘अर्बन नक्सलियों’ का घर बनती जा रही है और उन वामपंथियों को गले लगा रही है जिन्हें पूरे देश ने नकार दिया है।
मां गंगा का आशीर्वाद और सुशासन की जीत
प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड (गंगोत्री) से लेकर पश्चिम बंगाल (गंगासागर) तक भाजपा की सरकारों के गठन को मां गंगा का विशेष आशीर्वाद बताया। उन्होंने असम में भाजपा की तीसरी बार और पुडुचेरी में राजग की दूसरी बार सरकार बनने का श्रेय अपनी ‘सुशासन’ (Good Governance) की नीति को दिया।





