
कोलकाता: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं को एक बेहद व्यक्तिगत और भावुक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने बंगाल की सांस्कृतिक अस्मिता और भविष्य के विकास का खाका खींचा है।
प्रधानमंत्री के पत्र की मुख्य झलकियाँ (Highlights):
- जनशक्ति का आभार: पीएम ने लिखा कि चुनाव प्रचार के दौरान बंगाल के गाँव-गाँव और गलियों में उन्हें जो ‘असीम स्नेह और आशीर्वाद’ मिला है, उसने उन्हें नई ऊर्जा से भर दिया है।
- विकसित बंगाल का संकल्प: पत्र में प्रधानमंत्री ने “विकसित बंगाल” के निर्माण को अपना लक्ष्य बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंगाल की युवाशक्ति, नारीशक्ति, किसान और श्रमिक अब राज्य में बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
- ‘मोदी की गारंटी’ पर भरोसा: उन्होंने भाजपा के रोडमैप को “मोदी की गारंटी” करार देते हुए कहा कि यह केवल चुनावी वादा नहीं, बल्कि बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाने की अटूट प्रतिबद्धता है।
- ऐतिहासिक भागीदारी की अपील: 23 अप्रैल के पहले चरण में हुए 92.15% रिकॉर्ड मतदान की सराहना करते हुए उन्होंने पत्र में लिखा कि बंगाल की जनता ने लोकतंत्र का मान बढ़ाया है। उन्होंने 29 अप्रैल को भी इसी तरह घर से निकलकर वोट देने का आह्वान किया।
- सांस्कृतिक अस्मिता का सम्मान: पीएम ने अपने पत्र में बंगाल की महान आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नमन करते हुए कहा कि भाजपा इस गौरव को पुनर्स्थापित करने के लिए संकल्पित है।
सियासी गलियारों में पत्र की चर्चा
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह पत्र सीधे तौर पर ‘साइलेंट वोटर्स’ और ‘महिला मतदाताओं’ को प्रभावित करने का एक रणनीतिक प्रयास है। प्रचार खत्म होने के बाद मतदाताओं के हाथ में यह लिखित संदेश एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा कर रहा है।
अंतिम चरण का कार्यक्रम:
- दूसरे चरण का मतदान: 29 अप्रैल
- चुनाव परिणाम: 4 मई 2026




