अवैध उर्वरक भंडारण पर कृषि विभाग की सख्त कार्रवाई

52 दुकानों को नोटिस, 3 पर बिक्री प्रतिबंध; लगातार जारी है निरीक्षण अभियान
जांजगीर-चांपा। जिले में किसानों को उच्च गुणवत्ता युक्त खाद समय पर उपलब्ध कराने और उर्वरक वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा लगातार सख्त निगरानी की जा रही है।
जिले के नोडल अधिकारी, उर्वरक निरीक्षकों एवं मैदानी अमले द्वारा सहकारी एवं निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का सतत निरीक्षण किया जा रहा है। अब तक जिले की सभी 102 सहकारी समितियों एवं 160 निजी उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है।
52 केंद्रों को कारण बताओ नोटिस
निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 के तहत 52 उर्वरक विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
3 केंद्रों पर बिक्री प्रतिबंध
निरीक्षण में गंभीर अनियमितता पाए जाने पर 3 उर्वरक विक्रय केंद्रों पर बिक्री प्रतिबंध की कार्रवाई की गई है—
राजेश ट्रेडर्स में 500 बोरी एसएसपी
अग्रवाल एग्रो एजेंसी में बायो पोटाश 45 बोरी, एनपीके 5:15:0:10 की 20 बोरी एवं 20:20:0 की 40 बोरी
अनंत ट्रेडर्स में एनपीके 14:28:0 की 34 बोरी एवं जिंकेटेड एसएसपी 100 बोरी
इन मामलों में भौतिक स्टॉक उपलब्ध होने के बावजूद पॉस मशीन में इंद्राज नहीं पाया गया, वहीं कुछ मामलों में अनुज्ञप्ति में ‘ओ’ फॉर्म इंद्राज नहीं होने की अनियमितता सामने आई।
लगातार जारी रहेगा निरीक्षण अभियान
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग सुनिश्चित कराने और वितरण व्यवस्था में अनियमितता रोकने के लिए निरीक्षण दल प्रतिदिन कार्यरत हैं। अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




