जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 के अंतर्गत कृषक संगोष्ठी आयोजित

मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती एवं रबी फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन
जांजगीर-चांपा। जिले में जाज्वल्यदेव लोक महोत्सव एवं एग्रीटेक कृषि मेला 2026 का आयोजन 11 से 13 फरवरी तक हाईस्कूल मैदान जांजगीर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र, जर्वे में किया जा रहा है। इसी क्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, जर्वे जांजगीर में कृषक संगोष्ठी का आयोजन हुआ, जिसमें मत्स्य पालन, प्राकृतिक खेती एवं रबी फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन विषयों पर विशेषज्ञों ने किसानों को मार्गदर्शन प्रदान किया।
संगोष्ठी में मत्स्य पालन, मशरूम उत्पादन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, ग्रीष्मकालीन धान के स्थान पर दलहन-तिलहन फसलों को प्रोत्साहन, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, रबी फसलों में पोषक तत्व प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, भण्डारित अनाजों में कीट प्रबंधन तथा उन्नत एवं अनुशंसित किस्मों की जानकारी दी गई। जिले सहित दूरस्थ क्षेत्रों से आए कृषकों को वैज्ञानिकों एवं प्रगतिशील किसानों द्वारा खेती से संबंधित नवीन तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण उपरांत प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन किया गया, जिसमें किसानों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। इससे जिले के कृषकों में उन्नत एवं वैज्ञानिक खेती के प्रति जिज्ञासा और जागरूकता में वृद्धि देखी गई। संगोष्ठी में विकासखण्ड अकलतरा से प्राकृतिक खेती करने वाली महिला कृषकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही, जिन्होंने मंच के माध्यम से अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा किए।
इस अवसर पर इंजीनियर रवि पाण्डेय, निदेशक विस्तार सेवाएं, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख एस.एस. टूटेजा, डॉ. के.डी. महंत, कीट विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. रंजीत मोदी, पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष प्रधान, मत्स्य पालन विशेषज्ञ डॉ. मनीष सिंह, आकाशवाणी बिलासपुर की डॉ. सुप्रिया भारतीयन सहित प्रगतिशील कृषक संदीप तिवारी, आशीष राठौर, दुष्यंत सिंह एवं रोहित साहू ने कृषकों को नवाचार एवं आधुनिक कृषि पद्धतियों पर व्याख्यान दिए।
रेडियो किसान दिवस पर “किसान की बात, रेडियो के साथ” कार्यक्रम आयोजित


कृषि विज्ञान केन्द्र, जर्वे जांजगीर में रेडियो किसान दिवस के अवसर पर आकाशवाणी बिलासपुर एवं कृषि विज्ञान केन्द्र के संयुक्त तत्वावधान में “किसान की बात, रेडियो के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने कहा कि रेडियो ने सदैव किसानों को अपनी बात रखने का सशक्त माध्यम प्रदान किया है। रेडियो के जरिए किसानों को जोड़ने तथा उनके अनुभव और समस्याओं को साझा करने की परंपरा ने कृषि क्षेत्र को मजबूत किया है।
कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का अभिन्न अंग है। स्वतंत्रता के बाद आई हरित क्रांति ने कृषि उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि की। उन्होंने किसानों से बहु-फसली प्रणाली एवं फसल चक्र अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे भूमि की उर्वरता बनी रहती है और उत्पादन में वृद्धि होती है। साथ ही, उन्होंने किसानों को वैकल्पिक फसलों की ओर अग्रसर होकर कृषि आय बढ़ाने की सलाह दी।




