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नए शिक्षा सत्र की तैयारियों पर कलेक्टर सख्त, कहा- पहले दिन तिलक लगाकर करें विद्यार्थियों का स्वागत

16 जून से शुरू हो रहे नए शैक्षणिक सत्र को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने ली समीक्षा बैठक, गणवेश, किताब, साइकिल वितरण से लेकर मध्यान्ह भोजन और शिक्षकों की उपस्थिति तक दिए अहम निर्देश।

🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा

नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शुभारंभ को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। 16 जून से विद्यालयों में नियमित कक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इसे लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर तैयारियों का जायजा लिया और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि शाला प्रवेशोत्सव को उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया जाए तथा विद्यालय के पहले दिन नवप्रवेशी विद्यार्थियों और अन्य बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को विद्यालय में सकारात्मक और प्रेरणादायक माहौल मिले, ताकि उनमें पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़े और वे नियमित रूप से विद्यालय आएं।

समय पर मिले गणवेश, किताबें और साइकिल

बैठक में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को समय पर गणवेश, पाठ्यपुस्तक, साइकिल एवं अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने आगामी तीन माह का विस्तृत रोडमैप और शैक्षणिक कार्ययोजना तैयार करने को कहा, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सके। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का निरीक्षण करने तथा शिक्षण गतिविधियों की सतत निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

मेधावी ही नहीं, नियमित और सक्रिय विद्यार्थियों को भी मिलेगा सम्मान

कलेक्टर ने कहा कि केवल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों ही नहीं, बल्कि नियमित उपस्थिति दर्ज कराने वाले, खेलकूद, वृक्षारोपण और अन्य रचनात्मक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया जाए। इससे अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के अनुभव का मिलेगा लाभ

बैठक में कलेक्टर ने सुझाव दिया कि ऐसे सेवानिवृत्त शिक्षक जो अब भी शिक्षण कार्य में रुचि रखते हैं, उनके अनुभव और ज्ञान का लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने के प्रयास किए जाएं। इससे बच्चों को अतिरिक्त मार्गदर्शन और बेहतर सीखने का अवसर मिलेगा।

मध्यान्ह भोजन में लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त

कलेक्टर ने दो टूक कहा कि मध्यान्ह भोजन योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। विद्यार्थियों को निर्धारित मीनू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण और गर्म भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने अधिकारियों को इसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जर्जर भवनों में नहीं लगेंगी कक्षाएं

विद्यालय खुलने से पहले सभी स्कूल भवनों, कक्षाओं और परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य जरूरी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि किसी भी परिस्थिति में जर्जर और असुरक्षित भवनों में कक्षाओं का संचालन नहीं किया जाए।

ड्रॉपआउट बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर

बैठक में शाला त्यागी बच्चों की संख्या कम करने और उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को ड्रॉपआउट दर में कमी लाने और विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नए शिक्षा सत्र की शुरुआत विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण वातावरण में होनी चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी, शिक्षक और शिक्षा विभाग के कर्मचारी समन्वय के साथ कार्य करें।

बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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