धर्म भक्ति

सावन के चार सोमवार बेहद खास, जानिए हर सोमवार का धार्मिक महत्व

3 अगस्त को पहला सावन सोमवार, शुभ योग और पर्वों के संयोग से बढ़ा महत्व

🔴 Aaj Ki Baat News | धर्म डेस्क

भगवान शिव को समर्पित सावन का पवित्र महीना 30 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है, जो 28 अगस्त 2026 तक चलेगा। हिंदू धर्म में सावन को शिव आराधना का सबसे शुभ समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस माह में श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा, जलाभिषेक एवं व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। इस वर्ष सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं और प्रत्येक सोमवार किसी न किसी विशेष योग या पर्व के साथ आ रहा है।

चारों सोमवार का विशेष महत्व

पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को रहेगा। इस दिन सुकर्मा योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का शुभ संयोग बन रहा है। दूसरा सोमवार 10 अगस्त को होगा, जो सोम प्रदोष व्रत के साथ पड़ रहा है। तीसरा सोमवार 17 अगस्त को आएगा और इसी दिन नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। चौथा एवं अंतिम सोमवार 24 अगस्त को रहेगा, जिस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का प्रभाव रहेगा।

पहला सोमवार: धन-समृद्धि की कामना

धार्मिक मान्यता के अनुसार आर्थिक तंगी, कर्ज या धन संबंधी परेशानियों से मुक्ति की कामना करने वाले श्रद्धालु पहले सावन सोमवार को तांबे या चांदी के पात्र में जल, थोड़ा कच्चा दूध और काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करते हैं।

दूसरा सोमवार: विवाह संबंधी कामना

धार्मिक मान्यता के अनुसार जिन लोगों के विवाह में विलंब हो रहा है या जो मनचाहा जीवनसाथी चाहते हैं, वे दूसरे सावन सोमवार को 108 बेलपत्रों पर पीले चंदन से ‘ॐ’ या ‘राम’ लिखकर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करते हुए भगवान शिव को अर्पित करते हैं।

तीसरा सोमवार: आरोग्य और मानसिक शांति

धार्मिक मान्यता के अनुसार तीसरे सावन सोमवार को अच्छे स्वास्थ्य और मानसिक शांति की कामना के लिए शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करने के बाद शमी के पत्ते और दूर्वा चढ़ाकर 108 बार महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जाता है।

चौथा सोमवार: सुखी दांपत्य की कामना

धार्मिक मान्यता के अनुसार अंतिम सावन सोमवार को भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन शिवलिंग का गन्ने के रस या केसर मिले दूध से अभिषेक कर माता पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग की सामग्री अर्पित की जाती है। मान्यता है कि इससे वैवाहिक जीवन में सुख, प्रेम और आपसी विश्वास बना रहता है।

श्रद्धा और नियम का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन माह में पूजा-पाठ के साथ संयम, सात्विक आहार, दान-पुण्य और भगवान शिव के मंत्रों का जाप विशेष महत्व रखता है। श्रद्धालु अपनी आस्था और परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।

Related Articles

Back to top button