IG राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में उच्चस्तरीय पुलिस कार्यशाला, ‘एक गुंडा-एक जवान’ नीति लागू करने के निर्देश

अपराधों की रोकथाम और प्रिवेंटिव पुलिसिंग को प्रभावी बनाने के लिए नई एसओपी जारी। सक्ती एसपी प्रफुल्ल ठाकुर ने दिया विस्तृत प्रस्तुतीकरण, आईजी ने की सराहना और धन्यवाद ज्ञापित किया।
🔴 Aaj Ki Baat News | बिलासपुर
अपराधों की रोकथाम और ‘प्रिवेंटिव पुलिसिंग’ को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) राम गोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में बिलासपुर रेंज में उच्चस्तरीय ऑनलाइन पुलिस कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में रेंज के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, एसडीओपी, थाना प्रभारी सहित लगभग 200 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला के दौरान आईजी राम गोपाल गर्ग ने गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की सघन निगरानी के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करते हुए ‘एक गुंडा-एक जवान’ नीति लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध की पुनरावृत्ति रोकना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना होना चाहिए।

सक्ती SP ने साझा किया प्रिवेंटिव पुलिसिंग का मॉडल
कार्यशाला में सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने ‘गुंडा एवं निगरानी बदमाश’ विषय पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने प्रिवेंटिव पुलिसिंग, बेसिक पुलिसिंग की पुनर्स्थापना, आदतन अपराधियों के वर्गीकरण, रिकॉर्ड संधारण, सरप्राइज चेकिंग, बीट व्यवस्था, डिजिटल एवं मैनुअल रिकॉर्ड के समन्वय तथा वैधानिक कार्रवाई के विभिन्न पहलुओं पर अपने अनुभव साझा किए।
‘एक गुंडा-एक जवान’ नीति पर रहेगा विशेष फोकस
आईजी ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सक्रिय गुंडा एवं निगरानी बदमाश की निगरानी की जिम्मेदारी एक पुलिसकर्मी को सौंपी जाए। जमानत पर छूटने के बाद पुनः अपराध करने वालों के विरुद्ध बीएनएसएस की धारा 480 के तहत जमानत निरस्तीकरण की कार्रवाई, धारा 110 के तहत बाउंड ओवर, जिला बदर तथा आवश्यकतानुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नई एसओपी के तहत सघन निगरानी

कार्यशाला में आदतन अपराधियों का A एवं B श्रेणी में वर्गीकरण, फोटो, फिंगरप्रिंट एवं बैंक खातों सहित अद्यतन रिकॉर्ड रखने, गैंग हिस्ट्री शीट तैयार करने, अनिश्चित समय पर सरप्राइज चेकिंग, ग्राम अपराध नोटबुक (VCNB), बीट नोटबुक के प्रभावी संधारण तथा Natgrid, CDR और Cri-MAC जैसे तकनीकी माध्यमों से फरार एवं अंतरराज्यीय अपराधियों की निगरानी पर जोर दिया गया।
मानवाधिकारों के पालन के दिए निर्देश
आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि सभी कार्रवाई सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं मानवाधिकारों का सम्मान करते हुए की जाए। विमुक्त जनजातियों, पिछड़े वर्गों और नाबालिगों के विरुद्ध बिना पर्याप्त आधार के कोई मनमानी कार्रवाई न हो। वहीं जो लोग वर्षों से अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे हैं, उनकी समीक्षा कर उन्हें निगरानी सूची से हटाने के भी निर्देश दिए गए।
आईजी ने सक्ती एसपी की सराहना कर जताया आभार
कार्यशाला के समापन पर आईजी राम गोपाल गर्ग ने सक्ती पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर द्वारा प्रस्तुत प्रिवेंटिव पुलिसिंग मॉडल एवं विस्तृत प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया। साथ ही रेंज के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया कि कार्यशाला में जारी एसओपी और दिए गए निर्देशों की स्वयं मॉनिटरिंग कर उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें, ताकि क्षेत्र में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।



