जांजगीर में नैनो यूरिया-नैनो डीएपी पर सहकारी प्रशिक्षण, समिति प्रबंधकों को किसानों को जागरूक करने के निर्देश

किसानों तक आधुनिक उर्वरकों की सही जानकारी पहुंचाने और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर
जांजगीर चाम्पा। सहकार भवन जिला सहकारी बैंक मर्यादित नोडल कार्यालय जांजगीर में इफको जिला जांजगीर-चांपा द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी विषय पर विशेष सहकारी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में सहकारी समिति प्रबंधकों को किसानों के बीच नैनो उर्वरकों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और आधुनिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सहायक नोडल अधिकारी धनश्याम तिवारी एवं शाखा प्रबंधक रेशमलाल तिवारी उपस्थित रहे। वहीं इफको के जिला प्रबंधक योगेंद्र साहू और सहायक इफको मोहन पटेल ने प्रशिक्षण में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
नैनो उर्वरकों के फायदे बताए
प्रशिक्षण के दौरान जिला प्रबंधक योगेंद्र साहू ने नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के वैज्ञानिक उपयोग, फसलों पर सकारात्मक प्रभाव, लागत में कमी और उत्पादन वृद्धि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरक पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन उर्वरकों के उपयोग से फसलों को संतुलित पोषण मिलता है, मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर रहती है और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलती है।
किसानों की भ्रांतियां दूर करने पर जोर
मुख्य अतिथि धनश्याम तिवारी ने समिति प्रबंधकों से किसानों को अधिक से अधिक नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रेरित करने की बात कही। उन्होंने कहा कि यदि किसानों के बीच किसी प्रकार का भ्रम या भ्रांति है तो उसे वैज्ञानिक जानकारी के माध्यम से दूर किया जाए। उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकती है तथा किसानों की लागत घटने के साथ उत्पादन में वृद्धि संभव है।
खाद और ऋण वितरण के निर्देश
कार्यक्रम में समिति प्रबंधकों को किसानों को जल्द से जल्द नगद ऋण वितरण एवं खाद वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही शासन एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा अनुशंसित मात्रा के अनुसार खाद एवं बीज वितरण करने पर विशेष जोर दिया गया।
गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाने की अपील
शाखा प्रबंधक रेशमलाल तिवारी ने किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों और उर्वरकों की सही जानकारी पहुंचाने पर बल दिया। कार्यक्रम में उपस्थित समिति प्रबंधकों से गांव-गांव जाकर किसानों को नैनो उर्वरकों के लाभ बताने और आधुनिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करने की अपील की गई।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।



