जांजगीर के युवा साहित्यकार दिनेश रोहित चतुर्वेदी को राष्ट्रीय काव्य सम्मान, हिंदी साहित्य में योगदान के लिए हुए सम्मानित

पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा ‘साधक’ स्मृति काव्य सम्मान से नवाजे गए, सबसे युवा सम्मान प्राप्त साहित्यकार बने
जांजगीर, 18 मई 2026। जांजगीर के युवा साहित्यकार दिनेश रोहित चतुर्वेदी को हिंदी काव्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था समन्वय साहित्य परिवार द्वारा उन्हें वर्ष 2026 का पंडित लक्ष्मीनारायण शर्मा ‘साधक’ स्मृति काव्य सम्मान प्रदान किया गया।
यह सम्मान 17 मई को बिलासपुर स्थित प्रार्थना भवन में आयोजित गरिमामय समारोह में प्रदान किया गया। खास बात यह रही कि दिनेश रोहित चतुर्वेदी इस सम्मान को प्राप्त करने वाले सबसे युवा साहित्यकार बने हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के अध्यक्ष प्रभात मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पंडित रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर के पूर्व प्रोफेसर एवं साहित्य भाषा अध्ययनशाला के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चित्तरंजन कर ने की।
इस अवसर पर डॉ. पुष्पा दीक्षित, दिनेश शर्मा, डॉ. राजन यादव, चंद्रप्रकाश बाजपेयी एवं डॉ. अजय पाठक सहित अनेक साहित्यकार और शिक्षाविद मौजूद रहे। सम्मान स्वरूप दिनेश रोहित चतुर्वेदी को स्मृतिचिन्ह, सम्मान पत्र, छत्तीसगढ़िया गमछा एवं 5100 रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
कई राष्ट्रीय सम्मान से पहले भी हो चुके हैं सम्मानित
दिनेश रोहित चतुर्वेदी की साहित्यिक यात्रा लगातार उपलब्धियों से भरी रही है। उनकी पुस्तकों ‘जीवित नदी’, ‘चेतना के बीज’ और ‘आत्ममंथन का समय है’ को पहले भी कई राष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं।
हिंदी सेवा के लिए उन्हें राजस्थान में साहित्य भूषण की मानद उपाधि भी प्रदान की जा चुकी है। वर्तमान में वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-1 जांजगीर (पीएमश्री सेजेस) में हिंदी व्याख्याता एवं एनसीसी अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
वे हिंदी और छत्तीसगढ़ी दोनों भाषाओं में सक्रिय लेखन कर रहे हैं। अब तक उनकी छह पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जिनमें ‘जीवित नदी’, ‘दर्द का अनुवाद’, ‘चेतना के बीज’, ‘आत्ममंथन का समय है’, ‘समय करवट बदलता है’ और ‘गीली पलकें सूखे बादल’ शामिल हैं। उनकी सातवीं पुस्तक प्रकाशनाधीन है।
साहित्य जगत में खुशी की लहर
दिनेश रोहित चतुर्वेदी को इससे पहले भी कादंबरी सम्मान, अटल साहित्य प्रेरणा सम्मान, तुलसी सम्मान, शब्द साधक सम्मान, साहित्यश्री, हिंदी रत्न, कवि भूषण सहित कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
इस उपलब्धि पर साहित्यकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और उनके परिजनों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।




