
पति-पत्नी ने मिलकर रची हत्या की साजिश, झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से सभी आरोपी गिरफ्तार; पिस्तौल, बाइक, मोबाइल और नकदी बरामद।
🔴 Aaj Ki Baat News | सक्ती
सक्ती जिले के ग्राम जोंगरा में 26 जून को हुई पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की गोली मारकर हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि प्रेम संबंध इस हत्याकांड की मुख्य वजह था। पुलिस के अनुसार, विवाहित युवक और मृतका के बीच प्रेम संबंध से परेशान होकर युवक और उसकी पत्नी ने 4 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या की साजिश रची। मामले में पुलिस ने झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
प्रेम संबंध से शुरू हुई साजिश
पुलिस जांच के मुताबिक, मृतका पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध था। दोनों आयुर्वेदिक दवाओं के प्रचार-प्रसार और बिक्री का कार्य करते थे। इस संबंध को लेकर मुरलीशंकर और उसकी पत्नी चम्पा चौहान के बीच लगातार विवाद होता था। पुलिस का दावा है कि इसी विवाद के बाद दोनों ने पूर्णिमा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
4 लाख रुपये में तय हुई सुपारी
पुलिस के अनुसार, मुरलीशंकर चौहान और उसकी पत्नी चम्पा चौहान ने राजेंद्र महंत से संपर्क कर 4 लाख रुपये में हत्या का सौदा किया। वारदात के बाद तय रकम में से 2 लाख रुपये आरोपियों को दे दिए गए। शेष रकम बाद में बांटने की योजना थी। जांच के दौरान बैंक पासबुक और लेनदेन से जुड़े साक्ष्य भी पुलिस ने जब्त किए हैं।
तकनीकी जांच से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
घटना के बाद पुलिस ने मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी राजेंद्र महंत को जमशेदपुर (झारखंड) तथा गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत को पुणे (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद अन्य आरोपियों को भी अलग-अलग स्थानों से पकड़ लिया गया।
ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
पुलिस के अनुसार, 26 जून को योजना के तहत गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत मोटरसाइकिल से ग्राम जोंगरा पहुंचे। गौरीशंकर ने पिस्तौल से पूर्णिमा चौहान पर गोली चलाई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए। अन्य आरोपियों ने उन्हें फरार कराने और सुपारी की रकम के बंटवारे में सहयोग किया।
हथियार, बाइक, मोबाइल और नकदी बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, घटनास्थल से तीन खाली खोखे, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और सुपारी की रकम में बची नकदी बरामद की है।
चार दिन की जांच के बाद खुला राज
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम ने लगातार चार दिनों तक तकनीकी और मैदानी जांच की। पूछताछ, डिजिटल साक्ष्यों और विभिन्न राज्यों में दबिश के बाद पूरे हत्याकांड का खुलासा हुआ। सभी नौ आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।




