जांजगीर में शिक्षा विभाग की बैठक में कलेक्टर सख्त, खराब बोर्ड रिजल्ट पर प्राचार्यों को फटकार

शिक्षा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, शिक्षकों की जवाबदेही तय होगी
जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सोमवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों एवं प्राचार्यों की समीक्षा बैठक लेकर जिले के बोर्ड परीक्षा परिणामों पर नाराजगी जताई। बैठक में पिछले तीन वर्षों के परीक्षा परिणाम और राज्य स्तर पर जिले की रैंकिंग की समीक्षा की गई। कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों के प्राचार्यों से कलेक्टर ने खराब रिजल्ट के कारण पूछे और सुधार की कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और अन्य अधिकारियों को स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर पढ़ाई और कोर्स पूरा कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि बिना कारण अनुपस्थित रहने या समय पर कोर्स पूरा नहीं कराने वाले शिक्षकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
हर शिक्षक और छात्र की होगी निगरानी
बैठक में कलेक्टर ने प्रत्येक शिक्षक का विस्तृत डाटा तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें परीक्षा परिणाम, विद्यार्थियों की तैयारी, टेस्ट और शैक्षणिक प्रगति की जानकारी शामिल होगी।साथ ही विद्यार्थियों के लिए विषयवार प्रगति चार्ट तैयार करने कहा गया, ताकि कमजोर विषयों में अतिरिक्त कक्षाएं लगाकर परीक्षा परिणाम सुधारे जा सकें।
पूरक परीक्षा की तैयारी पर भी चर्चा
बैठक में पूरक परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों की तैयारी की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने ऐसे विद्यार्थियों के लिए विशेष तैयारी योजना बनाकर बेहतर मार्गदर्शन देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की शिक्षा व्यवस्था सुधारना सभी अधिकारियों और शिक्षकों की सामूहिक जिम्मेदारी है और बेहतर परिणाम के लिए गंभीरता से काम करना होगा।




