धर्म भक्ति

माँ बगलामुखी जयंती आज, दान-पुण्य और साधना का विशेष महत्व

पीले वस्त्र, हल्दी और अन्न दान से मिलती है देवी की कृपा, बाधाएं होती हैं दूर

धर्म डेस्क। बगलामुखी जयंती हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। यह दिन देवी बगलामुखी को समर्पित होता है, जिन्हें दस महाविद्याओं में से एक माना जाता है। मान्यता है कि मां बगलामुखी शत्रु बाधा को दूर करने, वाणी पर नियंत्रण देने और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करने वाली देवी हैं।

वैशाख शुक्ल अष्टमी को मनाई जाती है जयंती
बगलामुखी जयंती वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। इस दिन साधना, पूजा और तंत्र साधना का विशेष महत्व होता है। विशेष रूप से वे लोग, जो जीवन में बाधाओं, विवादों या न्यायालयी मामलों से परेशान हैं, उनके लिए यह दिन फलदायी माना जाता है।

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पीले रंग का विशेष महत्व
इस दिन पीले रंग को अत्यंत शुभ माना गया है। पूजा में पीले वस्त्र, पीले फूल और हल्दी का उपयोग किया जाता है। देवी को प्रसन्न करने के लिए दान में भी पीले रंग की वस्तुओं को प्राथमिकता दी जाती है।

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इन चीजों का दान है शुभ
बगलामुखी जयंती के दिन पीले वस्त्रों का दान करना शुभ माना जाता है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हल्दी का दान करने से पवित्रता और स्वास्थ्य लाभ की मान्यता है। चने की दाल का दान आर्थिक समस्याओं को दूर करने में सहायक माना जाता है।

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पीले फल और मिठाई का दान सुख-समृद्धि बढ़ाने वाला माना गया है, वहीं गुड़ का दान रिश्तों में मिठास लाने का प्रतीक है। इसके अलावा ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को भोजन कराना भी अत्यंत पुण्यदायक बताया गया है।

दान का आध्यात्मिक महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दान केवल भौतिक सहायता नहीं बल्कि आत्मिक शुद्धि का माध्यम भी है। इस दिन किया गया दान विशेष फलदायी होता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है।

दान करते समय रखें सावधानी
ध्यान रखें कि दान हमेशा श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से करें। योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति को ही दान देना चाहिए। दिखावे के लिए किया गया दान उतना फलदायी नहीं माना जाता।

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