Chhattisgarh

सृजन, कौशल और श्रम के सम्मान का संदेश देती है भगवान विश्वकर्मा की आराधना: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री निवास में विधि-विधान से हुई पूजा-अर्चना, प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की

🔴 आज की बात News | रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में सृजन, शिल्प और निर्माण के अधिष्ठाता भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने भगवान विश्वकर्मा से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और निरंतर प्रगति की प्रार्थना की तथा प्रदेशवासियों सहित सभी श्रमवीरों, शिल्पकारों, कारीगरों और अभियंताओं को शुभकामनाएं दीं।

श्रमवीरों और शिल्पकारों का सम्मान जरूरी

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजनशीलता, कौशल, कर्मनिष्ठा और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। विश्वकर्मा जयंती केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि श्रम की प्रतिष्ठा और हुनर के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने रेखांकित किया कि किसी भी राज्य और राष्ट्र की प्रगति के पीछे उसके शिल्पकारों, कारीगरों, तकनीशियनों और निर्माणकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान होता है, जो पारंपरिक हुनर से लेकर आधुनिक तकनीक तक विकास को आकार देते हैं।

विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है श्रमिकों का कौशल

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान हमेशा मेहनतकश लोगों और समृद्ध शिल्प परंपरा से रही है। परंपरागत कौशल और आधुनिक तकनीक का समन्वय प्रदेश को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। उन्होंने आह्वान किया कि बदलते समय के अनुरूप कौशल को निरंतर निखारना और नई तकनीक को अपनाना आवश्यक है, ताकि आत्मनिर्भर और आधुनिक छत्तीसगढ़ का संकल्प पूरा हो सके।

पूजा-अर्चना में शामिल रहे अधिकारी

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित इस पूजन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री के सलाहकार श्री आर. कृष्णा दास, मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी श्री आलोक सिंह सहित मुख्यमंत्री निवास के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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