श्री दूधाधारी मठ में श्रद्धा-उल्लास से मना पोरा तिहार, राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास ने की नंदी बैलों की पूजा

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्री बालाजी मंदिर और श्रीराम पंचायतन में हुआ विशेष अनुष्ठान; मिट्टी के बर्तनों व औजारों की भी हुई पूजा
🔴 akb News | रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित ऐतिहासिक एवं सुप्रसिद्ध श्री दूधाधारी मठ में छत्तीसगढ़ का पारंपरिक लोकपर्व ‘पोरा तिहार’ पूरी श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हर्षोल्लासपूर्वक मनाया गया। सुबह 10:30 बजे श्री बालाजी मंदिर एवं श्रीराम पंचायतन में विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया, जो महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज के सानिध्य में विधि-विधान से संपन्न हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ नंदी बैलों और पारंपरिक औजारों का पूजन

इस पावन अवसर पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मिट्टी से निर्मित नंदी बैलों की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूजा संपन्न होने के बाद उपस्थित बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
गौवंश के प्रति कृतज्ञता और सम्मान का पर्व: राजेश्री महन्त
अपने संदेश में राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां पोरा का त्यौहार गौवंशियों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इस त्यौहार में नंदी बैलों के साथ ही कृषि कार्य एवं घर के उपयोग में लाए जाने वाले कलश, जांता आदि की भी पूजा-अर्चना की जाती है। उन्होंने पोरा पर्व पर समस्त प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामनाएं कीं।

संत-महात्मा और प्रतिष्ठित नागरिक रहे मौजूद
पूजा-अर्चना के इस विशेष अवसर पर नागा जी महाराज, विजय पाली, राम अवतार दास जी, रामदेव दास जी, राममनोहर दास जी, रामशिरोमणि दास जी सहित मठ-मंदिर के अनेक पुजारीगण उपस्थित रहे। इसके अलावा जय शुक्ला, अतुल त्रिपाठी, रतन साहू, देवनाथ साहू, कौशल साहू, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित अनेक प्रतिष्ठित नागरिक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।



