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जैजैपुर: कोटेतरा पंचायत में उपसरपंच के नाम पर नियम विरुद्ध ₹26.80 लाख का भुगतान, ग्रामीणों ने दी हाईकोर्ट जाने की चेतावनी

पंचायती राज अधिनियम के उल्लंघन पर नहीं हुई ठोस कार्रवाई; जनपद सीईओ ने दिए जांच के बाद एफआईआर और वसूली के निर्देश

🔴 आज की बात News | जैजैपुर। जनपद पंचायत जैजैपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटेतरा में पंचायती राज अधिनियम के बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर शासकीय राशि के गबन का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत के तत्कालीन नीति-निर्धारकों द्वारा आपसी सांठगांठ से ₹26 लाख 80 हजार 500 की सरकारी राशि का ऐसा नियम विरुद्ध भुगतान किया गया है, जिसने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और वित्तीय पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीण अब इस पूरे मामले को लेकर बिलासपुर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका  दायर करने की तैयारी में जुट गए हैं।

पद पर रहते हुए सीधे अपने खाते में कराई राशि ट्रांसफर

उपलब्ध दस्तावेजों और बैंक विवरण के अनुसार, इस पूरे लेन-देन में छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम के स्थापित प्रावधानों की खुली अनदेखी की गई है। कानूनन, पंचायत का कोई भी निर्वाचित जनप्रतिनिधि—सरपंच, उपसरपंच या पंच—अपने कार्यकाल के दौरान स्वयं वेंडर या सप्लायर बनकर पंचायत निधि से सीधे अपने नाम पर राशि आहरित नहीं कर सकता। आरोप है कि कोटेतरा पंचायत के तत्कालीन उपसरपंच देवानन्द यादव ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सीधे अपने खाते में लाखों रुपये ट्रांसफर कराए। इस वित्तीय अनियमितता में तत्कालीन सरपंच भगवती गोड़ और तत्कालीन सचिव रविन्द्र किशोर चन्द्रा की भूमिका भी सामने आई है, जिन्होंने पदीय दायित्वों के विपरीत जाकर शासकीय चेकों और भुगतान वाउचरों पर हस्ताक्षर किए।

अधिकारियों की चुप्पी से आक्रोश, ग्रामीणों ने कसी कानूनी कमर

स्थानीय ग्रामीणों ने बैंक स्टेटमेंट और अन्य पुख्ता साक्ष्यों के साथ जनपद पंचायत से लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों तक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। नियमानुसार मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम की धारा 92 के तहत रिकवरी और संबंधितों पर पुलिस प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जानी चाहिए थी। ग्रामीणों का आरोप है कि महीनों बीत जाने के बाद भी जिम्मेदार फाइल दबाकर बैठे हैं। प्रशासनिक उदासीनता से तंग आकर अब ग्रामीणों ने बिलासपुर हाईकोर्ट की शरण लेने का निर्णय लिया है, जहां बैंक ट्रांजैक्शन के दस्तावेज पेश कर स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की जाएगी।

जांच के बाद शत-प्रतिशत रिकवरी और होगी FIR : सीईओ

मामले को लेकर जनपद पंचायत जैजैपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) संदीप कश्यप ने कहा कि ग्राम पंचायत कोटेतरा में नियम विरुद्ध वित्तीय भुगतान का मामला बेहद गंभीर है। पंचायती राज अधिनियम के तहत कोई भी पदाधिकारी स्वयं के नाम पर भुगतान प्राप्त नहीं कर सकता। पूर्व में प्राप्त शिकायत के आधार पर दस्तावेजों का सूक्ष्म परीक्षण कराया जा रहा है। जांच रिपोर्ट आते ही दोषियों से शत-प्रतिशत राशि की वसूली और पुलिस में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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