जांजगीर-चांपा: जनगणना 2027 के द्वितीय चरण को लेकर चार दिवसीय कार्यशाला संपन्न, अधिकारियों को मिला तकनीकी प्रशिक्षण

कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में दो बैचों में हुआ आयोजन; सीएमएमएस पोर्टल, पीई मोबाइल ऐप और स्व-गणना की प्रक्रिया पर हुआ व्यावहारिक अभ्यास
🔴 जांजगीर-चांपा। आगामी जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को सुगम और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा जिले में चार दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जिसमें गणना कार्य से जुड़े मैदानी एवं तकनीकी अमले को डिजिटल प्रक्रियाओं की गहन जानकारी दी गई।
दो बैचों में प्रशिक्षित हुए चार्ज अधिकारी और तकनीकी सहायक
प्रशिक्षण का आयोजन दो अलग-अलग बैचों में किया गया, जिसमें प्रत्येक बैच को दो-दो दिवसीय सघन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस कार्यशाला में जिले के विभिन्न चार्ज क्षेत्रों के चार्ज अधिकारियों, अतिरिक्त चार्ज अधिकारियों, जनगणना लिपिकों और तकनीकी सहायकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल की दी गई व्यावहारिक समझ
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य प्रशिक्षक एवं नोडल अधिकारी कैलाश पंडा और विशाल दीक्षित ने जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की संपूर्ण कार्यप्रणाली, प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका और जनगणना संबंधी तकनीकी व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी दी। प्रशिक्षकों द्वारा सीएमएमएस पोर्टल, ईबी क्रिएटर, पीई मोबाइल ऐप और स्व-गणना (Self-Enumeration) की प्रणाली पर सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा गणना ब्लॉकों के सीमांकन, डिजिटल डेटा संकलन की विधि और डेटा की शुद्धता एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने से जुड़े तकनीकी पहलुओं को भी विस्तार से समझाया गया।
प्रश्नावली 1 से 40 और व्यावहारिक समस्याओं के समाधान पर जोर
कार्यशाला में जनगणना प्रश्नावली के प्रश्न क्रमांक 1 से 40 तक की बारीकियों, प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के आगामी प्रशिक्षण, मकानों व परिवारों से जुड़े डेटा संकलन और व्यापक प्रचार-प्रसार की रणनीतियों पर विशेष विमर्श हुआ। साथ ही मैदानी स्तर पर गणना के दौरान सामने आने वाली संभावित व्यावहारिक दिक्कतों और उनके त्वरित समाधान को लेकर भी प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया गया। चार दिवसीय इस कार्यशाला के माध्यम से जिले के अधिकारियों व कर्मचारियों को द्वितीय चरण के सफल व सुगम संचालन के लिए पूरी तरह तैयार किया गया।





