कलेक्टर ने साप्ताहिक समय-सीमा बैठक लेकर विभागीय कार्यों की समीक्षा की ऋण प्रकरणों में देरी पर नाराज़गी, नरेगा के जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता, अवैध रेत उत्खनन पर सख्ती के निर्देश

जांजगीर-चांपा। कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने सोमवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले के विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति, लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण तथा विकास कार्यों की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में धान खरीदी के दौरान किए गए भौतिक सत्यापन (पीवी) में जहां-जहां अनियमितता पाई गई है, वहां तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। वहीं विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत संचालित ऋण प्रकरणों की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि बैंकों द्वारा प्रस्तावों की स्वीकृति में अनावश्यक विलंब किया जा रहा है। इस पर कलेक्टर ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि अंत्यावसायी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम तथा एनआरएलएम से जुड़े सभी लंबित ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर पात्र हितग्राहियों को 31 मार्च तक लाभ दिलाना सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने महात्मा गांधी नरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण एवं संवर्धन कार्यों को प्राथमिकता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने आजीविका डबरी, नए तालाब निर्माण, तालाब गहरीकरण, चेकडेम, रिचार्ज पिट, कुआं निर्माण, कंटूर ट्रेंच सहित अन्य जल संरचनाओं को योजनाबद्ध ढंग से समय-सीमा में पूर्ण करने पर जोर दिया। साथ ही नरेगा कार्यों में कार्यपूर्णता प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न करने के निर्देश दिए।
अवैध रेत उत्खनन पर रोक लगाने के लिए ग्राम स्तर पर निगरानी समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें सचिव, सरपंच एवं कोटवार को शामिल किया जाएगा। अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल तहसीलदार एवं एसडीएम को दी जाएगी, जिसके पश्चात माइनिंग टास्क फोर्स, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर ने पंचायतों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए घर-घर कचरा संग्रहण एवं सेग्रीगेशन की प्रभावी व्यवस्था लागू करने, पीएम आवास योजना एवं स्वरोजगार योजनाओं के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। महिला सशक्तिकरण के तहत ‘लखपति दीदी’ योजना में अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी बल दिया गया।
इसके अतिरिक्त कलेक्टर ने सभी निर्माण एवं विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने, ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों का संचालन, डिजिटल पत्राचार अपनाने तथा अधिकारियों की नियमित कार्यालय उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक मंगलवार और बुधवार को अधिकारियों को अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण करने को कहा।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती स्निग्धा तिवारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।




