
प्रधानमंत्री ने दशकों से लंबित संकल्प को बताया ऐतिहासिक, बोले- अब देश की नीतियां बनाने में भी बेटियां होंगी आगे।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल को भारत रत्न डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर की जयंती के पावन अवसर पर देश की नारी शक्ति को एक विशेष पत्र लिखा है। पत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री ने बाबा साहेब को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि संविधान ने हमें जिस समानता और समावेशी भावना का मार्ग दिखाया है, उसी राह पर चलते हुए ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को साकार किया जा रहा है।
दशकों पुराना संकल्प होगा जल्द पूरा
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में दशकों से लंबित महिला आरक्षण के संकल्प को जल्द साकार करने पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने कहा कि यह बेहद खुशी की बात है कि साल 2029 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव से महिला आरक्षण सुनिश्चित होने के निर्णय की देश भर की माताएं-बहनें सराहना कर रही हैं।
16 अप्रैल से संसद में होगी चर्चा
पीएम मोदी ने जानकारी दी कि 16 अप्रैल से संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विस्तृत चर्चा शुरू होने जा रही है। उन्होंने सदन से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक संशोधन को पारित कर विधायी संस्थाओं में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने लिखा कि आज बेटियां खेल, विज्ञान और कला जैसे हर क्षेत्र में रिकॉर्ड बना रही हैं, अब नीति-निर्माण में भी उनकी भूमिका बढ़ेगी।

विकसित भारत के लिए जरूरी कदम
पीएम ने पत्र में इस बात पर अफसोस भी जताया कि पिछले तीन-चार दशकों से प्रयास के बावजूद यह विषय तार्किक निष्कर्ष तक नहीं पहुंच पाया था। उन्होंने जोर देकर कहा कि 2047 तक ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए महिलाओं का नीति-निर्माण और निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल होना अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री ने जमीनी स्तर पर काम कर रही महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की आत्मनिर्भरता की भी सराहना की, जो विकसित भारत के निर्माण में अपनी अहम भूमिका निभा रही हैं।




