जनता की एकता के आगे बेबस हुआ सिस्टम: नैला रेलवे फाटक पर बनेगा ओवरब्रिज, लिखित आश्वासन के बाद चक्काजाम खत्म

जांजगीर-नैला: जांजगीर-नैला की जनता के धैर्य और संघर्ष की आज एक बड़ी जीत हुई है। रेलवे फाटक पर घंटों लगने वाले जाम से मुक्ति पाने के लिए किए जा रहे आंदोलन के सामने आखिरकार प्रशासन और रेलवे प्रबंधन को झुकना पड़ा। शुक्रवार को हुई एक हाई-लेवल बैठक में मांगों पर लिखित सहमति बनने के बाद आंदोलनकारियों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त करने का निर्णय लिया।

विश्राम गृह में हुई घंटों मैराथन बैठक
आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को नैला रेलवे स्टेशन के विश्राम गृह में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में रेलवे की ओर से एडीआरएम जे.एस. मीणा, सीपीएम गति शक्ति राजीव कुमार, और जिला प्रशासन की ओर से एडीएम ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर व एसडीएम जांजगीर शामिल हुए। जनप्रतिनिधि के रूप में जांजगीर विधायक व्यास कश्यप और आंदोलन समिति के प्रतिनिधियों ने जनता का पक्ष मजबूती से रखा।
इन ऐतिहासिक फैसलों पर बनी सहमति:
लंबे विचार-विमर्श के बाद रेलवे और प्रशासन ने निम्नलिखित समय-सीमा तय की है:
नैला रेलवे ओवरब्रिज (LC-345): इस बहुप्रतीक्षित ब्रिज के निर्माण के लिए 15 सितंबर 2026 तक हर हाल में प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी जाएगी।
नहरिया बाबा मंदिर ओवरब्रिज: भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के मात्र 12 माह के भीतर इस ब्रिज का निर्माण पूर्ण कर लिया जाएगा।
चांपा मिशन गेट अंडरब्रिज: चांपा क्षेत्र के लोगों के लिए राहत की खबर है कि यहाँ अंडरब्रिज का कार्य 18 माह के भीतर पूरा होगा।
ट्रेनों का ठहराव: गोंडवाना और साउथ बिहार एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेनों के स्टॉपेज के लिए रेलवे को फिर से अनुशंसा पत्र भेजा जाएगा।
जीत के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
लिखित आश्वासन मिलने और समय-सीमा तय होने के बाद, आंदोलन समिति और व्यापारी संघ ने सर्वसम्मति से चक्काजाम और धरना समाप्त करने की घोषणा की। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इन कार्यों की प्रगति की समय-समय पर जिला कार्यालय में समीक्षा की जाएगी ताकि काम में कोई ढिलाई न हो।





