क्राइमजाँजगीर -चाँपा

बिर्रा में सरकारी योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा: मृतिका के नाम पर डकारे पैसे, पति और ग्राम सचिव के खिलाफ FIR दर्ज

जांजगीर चाम्पा। छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में सेंध लगाने वाले जालसाजों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांजगीर-चांपा जिले के बिर्रा थाना क्षेत्र में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना का फर्जी तरीके से लाभ लेने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने मृतिका के पति और ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है।
कैसे हुआ खुलाशा
इस पूरे फर्जीवाड़े की शिकायत जिला पंचायत उपाध्यक्ष  गगन जयपुरिया ने 2 मार्च 2026 को पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर कार्यालय में की थी। शिकायत में बताया गया था कि स्व. श्रीमती सुमन बाई पटेल के नाम पर फर्जी पंजीयन कराकर सरकारी सहायता राशि का अनुचित लाभ उठाया गया है।
कलेक्टर की जांच में पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त कलेक्टर जांजगीर-चांपा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन के बयान और मृत्यु पंजी के दस्तावेजों का मिलान किया गया। जांच में पाया गया कि महिला की मृत्यु की तारीख (02.06.2025) पूरी तरह संदेहास्पद है और फर्जी दस्तावेज तैयार कर लाभ लिया गया है।
इनके खिलाफ दर्ज हुई FIR
श्रम पदाधिकारी जांजगीर की लिखित शिकायत और जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना बिर्रा में नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है:
अशोक पटेल (मृतिका का पति)
रोहित पटेल (सचिव, ग्राम पंचायत बिर्रा)
पुलिस ने दोनों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है।
बड़े नेटवर्क का अंदेशा
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) और एएसपी उमेश कश्यप के निर्देशन में पुलिस मामले की गहराई से विवेचना कर रही है। सूत्रों की मानें तो इस फर्जीवाड़े में कुछ अन्य आरोपियों के नाम भी सामने आ सकते हैं, जिन पर जल्द ही वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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