क्राइमसक्ती

सक्ती में ACB की बड़ी कार्रवाई: 1 लाख की रिश्वत लेते सीईओ, बाबू और भृत्य ट्रैप

20 लाख की पंचायत राशि का चेक जारी करने के एवज में मांगी गई थी 2 लाख रुपये की रिश्वत, एसीबी बिलासपुर ने रंगे हाथों पकड़ा।

🔴 Aaj Ki Baat News | सक्ती

सक्ती जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी (एंटी करप्शन ब्यूरो) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनपद पंचायत के सीईओ, बाबू और भृत्य को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पंचायत के लिए स्वीकृत राशि का चेक जारी करने के एवज में कथित तौर पर 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। एसीबी बिलासपुर की टीम ने 1 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए तीनों आरोपियों को ट्रैप कर लिया।

पंचायत निधि के चेक के लिए मांगी जा रही थी रिश्वत

जानकारी के अनुसार, ग्राम लिमतरा की सरपंच के पुत्र अरुण भारद्वाज ने एसीबी बिलासपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत ग्राम पंचायत को निर्मला घाट एवं नाली निर्माण सहित विभिन्न कार्यों के लिए 20 लाख रुपये की स्वीकृति मिली थी।इस राशि में से 8 लाख रुपये का चेक पहले ही जारी हो चुका था, जबकि शेष 12 लाख रुपये का चेक जारी कराने के लिए जनपद पंचायत सक्ती में प्रक्रिया चल रही थी। आरोप है कि चेक जारी करने के बदले जनपद पंचायत सक्ती के सीईओ निखिल कश्यप और बाबू अविनाश ठाकुर द्वारा 2 लाख रुपये कमीशन की मांग की जा रही थी।

सत्यापन में मिली शिकायत सही

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने मामले का सत्यापन कराया। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मांगी गई रिश्वत में से 1 लाख रुपये पहले ही आरोपी पक्ष द्वारा कार्यालय के भृत्य लच्छन भानु के माध्यम से ले लिए गए थे। इसके बाद शेष 1 लाख रुपये की मांग किए जाने पर एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

ऐसे हुई ट्रैप कार्रवाई

ACB के निर्देश पर शिकायतकर्ता को शेष 1 लाख रुपये लेकर जनपद पंचायत कार्यालय भेजा गया। आरोप है कि सीईओ निखिल कश्यप ने रिश्वत की रकम बाबू अविनाश ठाकुर को लेने के लिए कहा, जबकि अविनाश ठाकुर ने भृत्य लच्छन भानु को रकम लेने का निर्देश दिया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने 1 लाख रुपये भृत्य लच्छन भानु को दिए, पहले से मौजूद एसीबी बिलासपुर की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सीईओ निखिल कश्यप, बाबू अविनाश ठाकुर और भृत्य लच्छन भानु को पकड़ लिया।

रिश्वत की रकम बरामद

एसीबी टीम ने मौके से 1 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर ली है। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (पीसी एक्ट) 1988 की धारा 7 और 12 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

एसीबी की 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई

अधिकारियों के अनुसार, यह पिछले दो वर्षों में एसीबी बिलासपुर की 51वीं सफल ट्रैप कार्रवाई है। मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।

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