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छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं श्रीराम: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

कुनकुरी के श्रीराम कथा महोत्सव में बोले रामभक्ति हमारी पहचान, परंपरा और आस्था का आधार

रायपुर, 6 अप्रैल 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जशपुर जिले के कुनकुरी स्थित सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी कौशल्या साय भी उपस्थित रहीं। आयोजन स्थल पर ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष के बीच भक्तिमय वातावरण देखने को मिला।

राम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने व्यासपीठ पर विराजमान संत चिन्मयानंद बापूजी को नमन करते हुए कहा कि कुनकुरी की पावन धरती इस आयोजन से धन्य हो गई है।

छत्तीसगढ़ से जुड़ा है प्रभु श्रीराम का गहरा नाता
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की भूमि है और भगवान श्रीराम का ननिहाल भी, जहां वे भांजे के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि वनवास काल का बड़ा हिस्सा दंडकारण्य क्षेत्र में बीता, जिससे यहां के कण-कण में राम की उपस्थिति महसूस होती है।

अयोध्या से जुड़ी आस्था और सहभागिता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा ऐतिहासिक क्षण रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की श्री रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक करीब 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या जाकर दर्शन कर चुके हैं। साथ ही छत्तीसगढ़ से बड़ी मात्रा में चावल और सब्जियां भी भोग के रूप में भेजी गई थीं।

रामनामी परंपरा का विशेष उल्लेख
मुख्यमंत्री साय ने जांजगीर क्षेत्र की रामनामी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां के लोग अपने शरीर पर ‘राम-राम’ अंकित कर भक्ति की अनूठी मिसाल प्रस्तुत करते हैं।

8 अप्रैल तक चलेगी कथा
2 अप्रैल से प्रारंभ श्रीराम कथा की यह भक्तिधारा 8 अप्रैल तक जारी रहेगी। दूर-दराज से आए श्रद्धालु कथा श्रवण कर भक्ति और आध्यात्मिकता का अनुभव कर रहे हैं।

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