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बद्रीनाथ धाम के कपाट खुले, चार धाम यात्रा 2026 का शुभारंभ, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सुबह 6:15 बजे खुला मंदिर, भक्तों में उमड़ा उत्साह

बद्रीनाथ/देहरादून। उत्तराखंड स्थित पवित्र बद्रीनाथ धाम के कपाट आज गुरुवार सुबह 6:15 बजे पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही चार धाम यात्रा 2026 का विधिवत शुभारंभ हो गया। मंदिर को आकर्षक फूलों से सजाया गया, जहां भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया।

पूजा परंपरा के साथ हुई शुरुआत
कपाट खुलते ही सबसे पहले माता लक्ष्मी को उनके मंदिर में विराजमान किया गया। इसके बाद दक्षिण द्वार से भगवान कुबेर और उद्धव जी की मूर्तियों को मंदिर परिसर में प्रवेश कराया गया, जिससे पारंपरिक धार्मिक प्रक्रिया पूरी की गई।

भक्तों की भारी भीड़, दिव्य माहौल
कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बद्रीनाथ धाम पहुंचने लगे हैं। मंदिर परिसर में भक्ति और आध्यात्मिकता का वातावरण बना हुआ है। श्रद्धालुओं ने दर्शन के साथ ही भंडारे और सेवा कार्यों का भी आयोजन किया है।

भक्तों में अपार उत्साह
श्रद्धालुओं ने इस अवसर को खास बताते हुए कहा कि भगवान बद्रीनाथ के दर्शन का लंबे समय से इंतजार था। देश और दुनिया भर से पहुंचे भक्तों में इस बार विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

सुविधा और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
उत्तराखंड सरकार और मंदिर समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। यात्रा को सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन सतर्क है।

यात्रा में लागू हुए नए नियम
चार धाम यात्रा 2026 में कुछ नए नियम लागू किए गए हैं। केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री जैसे प्रमुख धामों में प्रवेश को लेकर दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। साथ ही मंदिर परिसर के अंदर मोबाइल फोन और कैमरों के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि श्रद्धालु शांतिपूर्ण ढंग से पूजा-अर्चना कर सकें।

मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए कहा कि बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलना आध्यात्मिक ऊर्जा और विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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