
AI मिशन से युवाओं को मिलेगा कौशल, रोजगार और स्टार्टअप का अवसर, शासन-प्रशासन में बढ़ेगी पारदर्शिता और दक्षता।
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। मंत्रालय महानदी भवन में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने एआई मिशन, मोबाइल नेटवर्क विस्तार, भारतनेट फेज-3, सेवा सेतु और विभिन्न डिजिटल नवाचार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए।
युवाओं के लिए कौशल और रोजगार पर रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि सुशासन और जनसेवा का प्रभावी माध्यम है। राज्य सरकार का लक्ष्य युवाओं को एआई आधारित कौशल प्रदान कर रोजगार, स्वरोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर उपलब्ध कराना है। स्कूलों में एआई जागरूकता कार्यक्रम, रोबोटिक्स क्लब, हैकाथॉन, आईटीआई में एआई लैब और विश्वविद्यालयों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे।
शासन में बढ़ेगा एआई का उपयोग
बैठक में बताया गया कि शासन-प्रशासन को अधिक पारदर्शी, त्वरित और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए विभिन्न विभागों में एआई आधारित निर्णय सहायता प्रणाली विकसित की जाएगी। नागरिकों को उनकी भाषा में डिजिटल सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ‘भाषिणी’ प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा।
स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में एआई डेटा लैब्स, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, सीड फंडिंग और उद्योग-शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से आधुनिक स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। साथ ही डेटा सुरक्षा, निजता संरक्षण और जिम्मेदार एआई उपयोग के लिए अलग नीति भी तैयार की जाएगी।
मोबाइल नेटवर्क और भारतनेट परियोजना की समीक्षा

समीक्षा बैठक में बताया गया कि पिछले ढाई वर्षों में लगभग एक हजार मोबाइल टॉवर स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 577 नए टॉवरों की स्वीकृति मिल चुकी है। भारतनेट फेज-3 के तहत 4,114 ग्राम पंचायतों को आधुनिक हाई-स्पीड इंटरनेट नेटवर्क से जोड़ा जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों तक डिजिटल सेवाओं का विस्तार होगा।
सेवा सेतु से 94.3 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण
अधिकारियों ने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल पर 36 विभागों की 520 सेवाएं उपलब्ध हैं। एक अप्रैल 2025 से अब तक 39.75 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें 37.52 लाख आवेदनों का सफल निराकरण कर 94.3 प्रतिशत सफलता दर हासिल की गई है।
आईटी निवेश और रोजगार को मिलेगी नई गति
बैठक में नवा रायपुर में सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, डेटा लैब्स, सुरक्षा संचालन केंद्र और डिजिटल निगरानी जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इन पहलों से प्रदेश में आईटी निवेश बढ़ेगा और हजारों युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।




