पैरा से मशरूम की खेती बनेगी युवाओं के रोजगार की नई राह : SP विजय कुमार पाण्डेय

कृषि विज्ञान केंद्र में तीन दिवसीय मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण शुरू हुआ। 40 किसान एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए वैज्ञानिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
जिले के कृषि विज्ञान केंद्र में मशरूम उत्पादन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए 40 किसानों एवं स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य कम लागत में अधिक लाभ देने वाले मशरूम उत्पादन के माध्यम से किसानों, महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है।
पैरा से बढ़ेगी आय, मिलेगा रोजगार
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कहा कि धान के अवशेष (पैरा) से व्यवसायिक मशरूम उत्पादन जिले के युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार का बेहतर विकल्प बन सकता है। उन्होंने कहा कि स्वरोजगार आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर जिले को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकता है। मशरूम उत्पादन कम लागत और अधिक लाभ वाला व्यवसाय है, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
वैज्ञानिक तकनीक से दिया जा रहा प्रशिक्षण
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. के.डी. महंत ने बताया कि प्रशिक्षण में मशरूम उत्पादन की वैज्ञानिक तकनीक, बीज उत्पादन, रखरखाव, विपणन तथा व्यवसायिक संभावनाओं की जानकारी दी जा रही है। साथ ही मशरूम के पोषण एवं औषधीय महत्व पर भी विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रगतिशील महिला किसान के प्रक्षेत्र का कराया भ्रमण
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को प्रगतिशील महिला मशरूम उत्पादक सविता पटेल के प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। उन्होंने मशरूम उत्पादन से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए इसकी चुनकारियों और व्यवसायिक संभावनाओं की जानकारी दी।
प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागी सुनीता ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर माध्यम साबित होगा और इससे गांव में ही बेहतर आय अर्जित की जा सकेगी।





