‘दीदी के गोठ’ महिलाओं को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम : इंजी. सत्यलता आनंद मिरी

जिला पंचायत सभाकक्ष सहित ग्राम पंचायतों में सुना गया विशेष प्रसारण, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने साझा किए सफलता के अनुभव
जांजगीर-चांपा । छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के अंतर्गत संचालित ‘दीदी के गोठ’ कार्यक्रम की प्रथम वर्षगांठ पर गुरुवार को विशेष एपिसोड का सामूहिक श्रवण जिला पंचायत सभाकक्ष सहित जिले की सभी जनपद एवं ग्राम पंचायतों में किया गया।
जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य राजकुमार साहू, आशा साव, उमा राजेंद्र राठौर तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और स्वयं सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित रहीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि ‘दीदी के गोठ’ महिलाओं को जागरूक, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं शासन की विभिन्न योजनाओं से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
जिला पंचायत सीईओ गोकुल रावटे ने कहा कि यह कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर महिलाएं परिवार के साथ समाज के विकास में भी अहम योगदान दे सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तिकरण, स्वावलंबन तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ने संबंधी संदेश प्रसारित किए गए। सामूहिक श्रवण के बाद स्वच्छता, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर चर्चा भी हुई।
इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं एवं लखपति दीदियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा करते हुए बताया कि समूह से जुड़ने के बाद उनकी आय में वृद्धि हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर शासन की योजनाओं का लाभ लेने और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम के अंत में उत्कृष्ट कार्य करने वाली दीदियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिले की सभी जनपद पंचायतों एवं ग्राम पंचायतों में भी रेडियो के माध्यम से ‘दीदी के गोठ’ का विशेष प्रसारण उत्साहपूर्वक सुना गया, जिसमें ग्रामीणों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया।





