जांजगीर-चांपा: शिक्षा की गुणवत्ता से समझौता नहीं, बोर्ड परीक्षा की तैयारी अभी से करें – कलेक्टर

कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने बीईओ और प्राचार्यों की समीक्षा बैठक में समय पर पाठ्यक्रम पूरा करने, शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, एचपीवी टीकाकरण और बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर विशेष जोर दिया।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
जिले के सभी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने शनिवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) एवं प्राचार्यों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और प्रत्येक विद्यालय में नियमित, अनुशासित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित किया जाए।
समय पर पूरा हो पाठ्यक्रम
कलेक्टर ने शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही जिन विद्यालयों में विषयवार शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों का सहयोग लेने तथा ऑनलाइन कक्षाएं, वीडियो लेक्चर एवं प्रोजेक्टर आधारित शिक्षण जैसे नवाचार अपनाने पर जोर दिया। सभी विद्यालयों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने, दैनिक डायरी संधारित करने तथा समय-सारिणी के अनुसार अध्ययन-अध्यापन संचालित करने के निर्देश दिए।
एचपीवी टीकाकरण और अपार आईडी पर जोर
बैठक में 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की पात्र बालिकाओं के शत-प्रतिशत एचपीवी टीकाकरण तथा सभी विद्यार्थियों की अपार आईडी (APAAR ID) बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को समन्वय के साथ कार्य करने को कहा गया।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी अभी से
कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने, ब्लूप्रिंट आधारित साप्ताहिक, मासिक, त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक परीक्षाएं आयोजित करने तथा विद्यार्थियों की नियमित तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खेल, योग और रचनात्मक गतिविधियों पर भी फोकस
बैठक में निःशुल्क पाठ्यपुस्तक, गणवेश एवं साइकिल वितरण की समीक्षा भी की गई। कलेक्टर ने विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने, बालिका शौचालयों का निर्माण पूरा कराने तथा विद्यालयों के आसपास नशामुक्त वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए। साथ ही खेलकूद, योग, सांस्कृतिक, साहित्यिक, विज्ञान एवं कला गतिविधियों को नियमित रूप से आयोजित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा सहित जिले के सभी बीईओ, प्राचार्य एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।



