
खरौद, तुस्मा, नवागढ़ व पीथमपुर सहित कई शिवालयों में महामंडलेश्वर ने किया जलाभिषेक, देश के कल्याण की मांगी कामनाएं
जांजगीर-चांपा। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को श्री दूधाधारी मठ रायपुर एवं श्री शिवरीनारायण मठ के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने जांजगीर-चांपा जिले के विभिन्न ऐतिहासिक एवं धार्मिक शिवालयों में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का दर्शन-पूजन व जलाभिषेक किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं से सौजन्य मुलाकात कर अपना पावन संदेश दिया।
निश्चल भाव से पूजा करने पर शीघ्र प्रसन्न होते हैं महादेव
अपने संदेश में राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि भगवान भोलेनाथ देवताओं के भी देवता हैं, इसीलिए उन्हें महादेव कहा जाता है। वे सामान्य पूजा-अर्चना से भी अति प्रसन्न होकर भक्तों को मनोवांछित फल प्रदान करते हैं। श्री रामचरितमानस की चौपाई “बिनु छल विश्वनाथ पद नेहू। राम भगत कर लच्छन एहू।।” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बिना छल-कपट के भगवान शिव के चरणों में प्रेम होना ही भगवान श्री राम की सच्ची भक्ति का मुख्य लक्षण है।

इन प्रमुख शिवालयों में मत्था टेक राष्ट्र कल्याण की कामना की

प्रथम सावन सोमवार के पावन अवसर पर महाराज श्री ने शिवरीनारायण के श्री चंद्रचूड़ महादेव, खरौद के लक्ष्मणेश्वर महादेव, तुस्मा के जोद्गीर बाबा, किरित के किरितेश्वर महादेव, नवागढ़ के लिंगेश्वर महादेव और पीथमपुर के बाबा कालेश्वर नाथ जी का दर्शन-पूजन किया। इसके साथ ही उन्होंने तुर्रीधाम, ओड़ेकेरा एवं बरगड़ी में विराजित भगवान श्री सिद्धेश्वर नाथ जी के दर्शन कर पूरे राष्ट्र की समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना की।
आयोजन में कई गणमान्य नागरिक रहे उपस्थित
शिव दर्शन के इस धार्मिक कार्यक्रम में त्यागी जी महाराज, सुखराम दास, सुबोध शुक्ला, गोविंद यादव, शिवकुमार साहू, भुवनेश्वर दास वैष्णव, दिलहरण दास वैष्णव, गजेंद्र दास वैष्णव, पंडित रामचंद्रा, बसंत पवार, संतोष साहू, भुवनेश्वर केसरवानी, भूपेन्द्र साहू, सुरेश जयसवाल, अमर सिंह बनाफर, बोधसाय चंद्रा, मयंक दीवान, प्रीतम वैष्णव, दीपक जायसवाल, गेंदुराम आदित्य, पुरेंद्र सोनी, खगेश वर्मा, हर्ष दुबे, राहुल मिश्रा और मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं प्रतिष्ठित नागरिक शामिल हुए।





