भक्ति से ही वैराग्य और परम शांति की प्राप्ति: गोस्वामी गोविंद बाबा

बसईवाल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा का दूसरा दिन; कर्दम-देवहूति प्रसंग और कपिल उपाख्यान सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु
🔴 आज की बात News | जांजगीर-नैला। “सच्ची भक्ति से ही वैराग्य की प्राप्ति होती है और मनुष्य के जीवन में वास्तविक शांति का संचार होता है।” उक्त उद्गार बसईवाल परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय पितृ मोक्षार्थ श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन व्यासपीठ पर विराजित अंतरराष्ट्रीय संत गोस्वामी गोविंद बाबा ने व्यक्त किए। भारत राइस मिल परिसर में आयोजित इस पावन धार्मिक अनुष्ठान में कथा के दूसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
कर्दम-देवहूति प्रसंग और कपिल उपाख्यान का श्रवण
कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए संत गोविंद बाबा ने कर्दम-देवहूति के चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। इसके पश्चात उन्होंने भगवान के अवतार कपिल देव के उपाख्यान की पावन कथा सुनाई और बताया कि किस प्रकार कपिल देव के आत्मज्ञान से माता देवहूति को मोक्ष की प्राप्ति हुई। कथा के दौरान आचार्य श्री ने सुमधुर संगीत के साथ चौपाइयों और श्लोकों का भावपूर्ण गायन किया, जिसे सुनकर पूरा पंडाल भक्ति रस में सराबोर हो गया।
भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ था कथा का शुभारंभ
आयोजन के पहले दिन रविवार को श्रीकृष्ण गौशाला से भारत राइस मिल कथा स्थल तक भव्य कलश यात्रा निकाली गई थी। यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर शामिल हुईं। पारंपरिक करमा नृत्य, ढोल-बाजे, शंखनाद, धूमाल और आतिशबाजी के बीच रथ पर सवार कथावाचक गोस्वामी गोविंद बाबा का नगरवासियों ने जगह-जगह स्वागत किया। इस दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यातायात प्रभारी उदयन बेहार के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा।

सात दिनों तक बहेगी ज्ञान और भक्ति की गंगा
प्रथम दिवस गोकर्ण उपाख्यान के बाद दूसरे दिन भी नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु कथा श्रवण करने पहुंचे। बसईवाल परिवार द्वारा श्रद्धालुओं के सुगम दर्शन, बैठक और पेयजल की पुख्ता व्यवस्था की गई है। आयोजकों ने बताया कि सात दिवसीय इस आयोजन में भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न दिव्य चरित्रों और लीलाओं का प्रसंगवार वर्णन जारी रहेगा।




